पडरौना। यदि आपके बच्चे को रुक-रुक कर बुखार हो रहा है और उसके सीने में दर्द है तो उसे हल्के में न लें। क्योंकि, ऐसे सीने में दर्द होना, सिर्फ पेट में गैस ही नहीं बल्कि निमोनिया के भी लक्षण हैं।
यदि समय पर दवा नहीं कराई गई तो बच्चे को निमोनिया के साथ टाइफायड होने की भी संभावना रहती है। इसलिए बच्चों को मेडिकल स्टोर के बजाय डॉक्टर को दिखाकर दवा खिलाएं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश वर्मा ने बताया कि बच्चों के सीने में दर्द होना, निमोनिया का लक्षण हो सकता है।
निमोनिया एक संक्रामक बीमारी है जो फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह हवा में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया या कवक से होता है। निमोनिया के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। निमोनिया के लक्षणों में तेज बुखार, छाती में दर्द, मितली या उल्टी आना, दस्त, सांस लेने में कठिनाई, थकान और कमजोरी, कफ के साथ खांसी आना आदि हैं।
अभिभावक बच्चों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहना देते हैं, लेकिन जब धूप निकलती है तो गर्मी होने पर सभी गर्म कपड़े निकाल देते हैं। शरीर से गर्म कपड़े निकलते ही उनके शरीर पर हुए पसीने सूख जाते हैं और फिर उन्हें ठंड लगने लगती है। इससे वे बीमार हो जाते हैं। मौसम में हो रहे बदलाव के चलते इस तरह की लापरवाही अधिकांश लोग करते हैं। निमोनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या 20 फीसदी रह रही है।