कब्र खोदवा कर मंत्र पढ़ता तांत्रिक।
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पडरौना (कुशीनगर)। तमाम वैज्ञानिक तरक्की और शिक्षा के प्रसार के बावजूद देश के कई कोनों में आज भी अंधविश्वास की पराकाष्ठा आए दिन देखने को मिल जाती है। कुछ ऐसी ही घटना बुधवार को सेवरही थाना क्षेत्र के गांव गौरी जगदीश में देखने को मिली। यहां दो दिन पहले एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक को जिंदा करने का दावा कर एक तांत्रिक ने युवक की कब्र खुदवा डाली। आखिरकार हुआ वही, जो होना था। बड़े-बड़े दावे करने वाला तांत्रिक काफी देर तक तंत्र-मंत्र करने के बावजूद युवक को जिलाने में नाकाम रहा। भरी-भीड़ में अपनी नाकामी के बाद वह धीरे से वहां से खिसक लिया। दुदही व गौरीश्रीराम प्रतिनिधियों के अनुसार सेवरही थाना क्षेत्र के गौरीजगदीश गांव निवासी 30 वर्षीय सोहराब बीते सोमवार को अपने पड़ोसी के साथ बाइक से दवा लेने पडरौना आ रहे थे। सेवरही-पडरौना मार्ग पर दुदही सीएचसी के नजदीक सोहराब बाइक से गिर पड़े। आसपास के लोग सोहराब को सीएचसी लेकर गए तो चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव लेकर घर वाले गांव गए और उसे दफना दिया गया। बुधवार को दोपहर क़रीब दो बजे कहीं से एक तांत्रिक गांव पहुंचा और सोहराब को तंत्र साधना से जिंदा करने का दावा करते हुए शव को देखने की इच्छा जताई। गांव के लोगों के अनुसार साधु सोहराब की मौत सड़क हादसे के बजाय तांत्रिक क्रिया के चलते होने की बात कही। इसपर सोहराब के घर वाले उसकी बातों में आ गए और शव को कब्र से बाहर निकालने पर राजी हो गए। साधु के साथ कब्रिस्तान पहुंचे घर वालों ने कब्र से मिट्टी हटाई। दिन के करीब तीन बजे इस तांत्रिक ने वहां खड़े होकर तंत्र साधना शुरू कर दी। कुछ ही देर में यह घटना गांव में चर्चा का विषय बन गई। जिज्ञासावश लोग कब्रिस्तान पहुंचने लगे। तांत्रिक के काफी देर तक प्रयास के बाद भी शव में कोई हरकत नहीं हुई। फिर साधु ने वहां एकांत की जरूरत बताई तो भीड़ दूर हट गई। लोगों के वहां से हटने के कुछ देर बाद तांत्रिक वहां से खिसक लिया। कुछ देर इंतजार के बाद घर वालों ने पुन: शव को मिट्टी से ढका और घर लौट गए।
इस संबंध में सेवरही एसओ श्रीप्रकाश यादव का कहना है कि उन्हें इस तरह के किसी मामले की जानकरी नहीं है। पुलिस कर्मियों को गांव भेजकर मामले की जानकारी ली जाएगी। तांत्रिक पकड़ में आया तो उसपर कानूनी कार्रवाई कार्रवाई भी होगी।