सत्याग्रह एक्सप्रेस में चढ़ते यात्री। संवाद
कप्तानगंज। दीपावली और छठ पर्व पर कोटा, दिल्ली, कानपुर, इलाहाबाद समेत अन्य बड़े शहरों से घर आने वाले लोगों में कन्फर्म टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। कप्तानगंज रूट से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों में 31 अक्तूबर तक सीट फुल है। उन्हें कन्फर्म टिकट नहीं मिलने की वजह से यात्रा करना बहुत मुश्किल हो गया है।
परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए दो माह पहले से लिए गए वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं होने के चलते उन्हें जनरल बोगी में यात्रा करना पड़ा है। हालत यह है थी कि ट्रेन की बोगी के खिड़की और शौचालय के दरवाजे तक यात्रियों की भीड़ है। कप्तानगंज स्टेशन पर उतरे यात्रियों ने कहा कि पूरी रात खड़े होकर यात्रा की है। अब जाकर सुकून मिला है।
कप्तानगंज रेलवे स्टेशन से तीन रूट की ट्रेनों का संचालन होता है। इस रूट से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, मुम्बई, कोटा, जम्मू कश्मीर, कोलकाता समेत अन्य बड़े शहरों के लिए ट्रेनों का संचालन होता है। इसके चलते कप्तानगंज स्टेशन पर हर समय यात्रियों की भीड़ रहती है। रेलवे स्टेशन जंक्शन होने के बावजूद स्टेशन पर केवल एक ही रिर्जवरेशन टिकट काउंटर है। इसके चलते एक समय में एक से अधिक कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता है। हालत यह होती है कि आईआरसीटीसी की साइड जैसे ही खुलती है वैसे ही किसी तरह एक व्यक्ति का टिकट बनते ही सीट फूल हो जाती है। दो माह पहले लिए गए वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं होने से लोगों को जनरल बोगी में यात्रा करना पड़ा।
लंबी दूरी की सभी ट्रेनों की बोगी के दरवाजे और शौचालय के दरवाजे तक यात्रियों से पूरी ट्रेन खचाखच भरी हुई थी। रविवार को आनंद विहार से रक्सौल को जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस कप्तानगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची तो सभी बोगियां यात्रियों से भरी थी। एक तरफ यात्री नीचे उतरने को लेकर जूझ रहे थे और दूसरी तरफ ट्रेन में चढ़ने वाले यात्री सीट पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। जल्दी ट्रेन में चढ़ने के लिए कुछ लोग खिड़की से जाते दिखें, तो किसी ने खिड़ी से बोगी की सीट पर बैग फेकते दिखे।