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आग लगने से 35 लोगों की झोपड़ियां जलीं

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चिरइहवा गांव में आग पर काबू पाने के बाद सामान देखती महिला। - फोटो : KUSHINAGAR
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आग लगने से 35 लोगों की झोपड़ियां जलीं
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सिसहन कोठिलवा टोले में हुआ हादसा, छह गैस सिलिंडर भी फटने की
पडरौना। चूल्हे की चिंगारी से लगी आग से चिरइहवा गांव के सिसहन कोठिलवा टोले में 35 लोगों की झोपड़ियां जल गईं। आग के विकराल रूप धारण करने की वजह छह सिलिंडर विस्फोट करना बताया जा रहा है। इससे काफी नुकसान हुआ है।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के चिरइहवा गांव के सिसहन कोठिलवा टोला में शुक्रवार देर रात चूल्हे की चिंगारी से एक झोपड़ी में आग लग गई। इसके बाद एक-एक कर बुन्नीलाल, चौथी, गणेश की झोपड़ी भी आग की जद में आ गई। आग के संपर्क में आने से इनके घरों में रखे सिलिंडर विस्फोट कर गए। इसके बाद आग और विकराल हो गई। आग की लपटों ने रमाकांत, लक्ष्मी राजभर, हीरा, ओमप्रकाश, रामदुलारे गौड़, उमेश यादव, केदार राजभर, लक्ष्मी राजभर, विनोद, राधेश्याम, धर्मेंद्र, पिंटू, दूधनाथ, परमा, सिंघासन, विदेशी, चौथी, रामेश्वर, रामबेलास, भोला, पुजारी, रामायण, दिनेश, सिकंदर, लोहा, झगरू सहित 35 लोगों की झोपड़ियां जल गईं। दो पशु शेड समेत पांच गैर आवासीय झोपड़ियां भी जलकर नष्ट हो गईं। अग्निशमन दस्ते ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। विशुनपुरा सीएचसी की टीम भी मौके पर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और 63 लोगों को दवा दी।
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शनिवार को एसडीएम सदर महात्मा सिंह ने नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अग्निपीड़ितों को भोजन कराने का निर्देश दिए। उसके बाद अग्निपीड़ितों को भोजन कराया गया।
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बेटी की शादी का सामान भी जला
ग्रामीणों के मुताबिक अग्निपीड़ित रमेश चौहान की पुत्री नीलम की पांच जून को शादी है। आग में सबकुछ जल जाने से वह चिंतित हैं कि बेटी की शादी कैसे होगी? क्योंकि बेटी को देने के लिए जरूरी सामान खरीदकर रख लिए गए थे, जो आग में जलकर नष्ट हो गए।
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तीन झोपड़ियां जलीं
पिपरा बाजार। नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के खजुरिया गांव में शुक्रवार देर रात आग लगने से तीन झोपड़ियां जल गईं। ग्रामीणों ने प्रयास के बाद आग पर काबू पाया।
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खजुरिया गांव निवासी रामआधार की सूरजनगर बाजार में नहर के किनारे दो झोपड़ियां थीं, जिसमें जलावन के लिए लकड़ी रखी थी। देर रात किसी वजह से उसमें आग लग गई। दूसरी घटना विशुनपुरा गांव की है। उस गांव के इंदल यादव के घर महिलाएं भोजन बना रही थीं। उसी दौरान तेज हवा चलने से आग पकड़ लिया, जिससे झोपड़ी में आग लग गई। इससे झोपड़ी में रखा पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। संवाद
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