कुशीनगर। मौसम बदलने का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। बारिश, धूप और उमस से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। इससे सांस, एलर्जी के मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 123 से अधिक मरीज सांस और एलर्जी के पहुंचे। इनमें करीब 62 मरीज सांस के रहे। डॉक्टरों ने इलाज के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी।
बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही सांस, अस्थमा व एलर्जी के मरीजों की दिक्कत बढ़ा दे रही है। मौसम में नमी के कारण वायरस का संक्रमण बढ़ गया है। इससे पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। जबकि एलर्जी के मरीजों को भी दिक्कत होती है। उन्हें सर्दी-जुकाम, नाक से पानी, आंख में खुजली होने लगती है।
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग की ओपीडी में बृहस्पतिवार को इस तरह के लक्षण लेकर आने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। सुबह 10 बजे से मरीज पहुंचने लगे। धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ गई। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. उपेंद्र कुमार ने करीब 123 मरीजों का इलाज किया। इसमें एलर्जी व सांस से पीड़ित मरीज थे।
उन्हें दवा के साथ सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। डॉक्टर ने बताया कि मौसम बदलने से सांस व एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। वातावरण में नमी के कारण वायरस ग्रोथ करते हैं। इसके कारण संक्रमण तेजी से होता है। सांस की नली सिकुड़ जाती है। शुगर के मरीज को भी दिक्कत होती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से अस्थमा के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।
उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए। लक्षण मिलने व परेशानी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए। पुराने मरीज को नियमित दवा लेनी चाहिए।
ये बरतें सावधानी
-नियमित दवा का सेवन करें।
-सांस, अस्थमा, एलर्जी के मरीज मास्क लगाएं।
-छींकते समय मुंह पर रुमाल व हाथ लगाएं।
-गुनगुना पानी का सेवन करें।
-तला, मसाला, दही, घी का कम सेवन करें।
-सड़क के किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
-फास्ट फूड के खाने से परहेज करें।
-सफाई पर ध्यान दें, हाथ धोकर भोजन करें।
-प्राणायाम और हल्का व्यायाम करें।