पिपराघाट में गैस के लिए जुटी लोगों की भीड़ ।संवाद
तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र में घरेलू रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम ले रही है। इससे आए दिन गोदामों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। जहां घंटों इंतजार के बाद उन्हें गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उपभोक्ता अपने काम धंधे छोड़कर गैस के लिए सुबह से देर शाम तक गोदामों पर लाइन में लगे रह रहे हैं।
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद शुरू हुई रसोई गैस की किल्लत दूर नहीं हो रही है। किल्लत होते ही कंपनियों ने नियम व प्रक्रिया के तहत आपूर्ति देना आरंभ कर दिया। इसके चलते उपभोक्ताओं का पहले ई-केवासी,फिर बुकिंग व डीएसी सहित पर्ची के झमेले से गुजरना पड़ रहा है। अब तो हालात इतने खराब हो गए हैं कि इन सबके बाद गैस मिल पाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। अब प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल पर बुकिंग खारिज का भी मैसेज आ रहा है। इसको लेकर कोई जिम्मेदार जवाब नहीं दे रहा है। ऐसे में उपभोक्ता एजेंसी व गोदाम का चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।
ऐसा ही कुछ हाल सेवरही क्षेत्र में इंडेन और एचपी गैस की एजेंसियों पर देखने को मिल रहा है। इनके गोदामों पर आए दिन उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लग रही हैं। रोजाना 200 से 300 उपभोक्ता बिना गैस की लौट जाते हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यहां सभी प्रक्रियाएं पूरी होने पर भी 15 दिन बाद तक गैस नहीं मिल पा रही है। रमेश ने बताया कि वह दो अप्रैल को बुकिंग किए थे,लेकिन बिना गैस सिलिंडर आपूर्ति के बुकिंग खारिज कर दी गई है। इसको लेकर कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं। राहुल सोनी, दीपक गुप्ता, हिमांशु वर्मा ने प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर की आपूर्ति की मांग की है।