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... यही हाल रहा तो कैसे निपटेंगे कोरोना की तीसरी लहर से
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पडरौना (कुशीनगर)। अगस्त से कोरोना महामारी की तीसरी लहर शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर जिला प्रशासन तो तैयारी कर रहा है, लेकिन अस्पताल में कोई सावधानी नहीं दिख रही है। सोमवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष से लेकर पर्ची काउंटर और ओपीडी में लोग इस जानलेवा बीमारी से पूरी तरह बेफिक्र नजर आए। सामाजिक दूरी का पालन तो दूर की बात, अस्पताल में पहुंचने पर लोग मास्क लगाने में भी झिझक महसूस कर रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े पर ही गौर करें तो जिले में अब तक 806553 लोगों की कोरोना जांच कराई जा चुकी है। इनमें 15582 लोग कोरोना से संक्रमित मिले हैं। इन मरीजों में 226 की मौत हो चुकी है, जबकि 15352 लोग स्वस्थ हुए हैं। मौजूदा समय में भी चार लोग इस महामारी से जूझ रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिल रहे हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इस महामारी का खतरा टल गया है। अभी भी इसकी तीसरी लहर अगस्त में आने की आशंका जताई जा रही है, जिसका सर्वाधिक असर बच्चों पर पड़ सकता है। इसका वेग भी अन्य दोनों लहर से तेज बताया जा रहा है। बावजूद इसके महामारी को लेकर कोई सतर्कता नहीं दिख रही है।
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इमरजेंसी कक्ष में भी लगी रही भीड़
जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में मरीजों और उनके साथ आए परिजनों की भीड़ लगी हुई थी। अनेक लोग ऐसे थे, जो मास्क ही नहीं लगाए थे। भीड़ में दो गज की दूरी का पालन तो हो ही नहीं रहा था।
पर्ची काउंटर पर नहीं हो रहा था दो गज की दूरी का पालन
जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर डेढ़ बजे भी लोग पर्ची के लिए लाइन में खड़े थे। हालांकि वहां भी दो गज की दूरी का पालन नहीं हो रहा था। मास्क लगाने में भी लोग झिझक महसूस करते देेखे गए।
ओपीडी में लगी रही भीड़
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ सुबह से लगी रही। शनिवार और रविवार के लॉकडाउन के बाद अस्पताल पहुंचने वालों की भीड़ अधिक थी। आलम यह था कि लोग गर्मी और भीड़ के बावजूद पहले डॉक्टर तक पहुंचने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। उन्हें इस बात का भी आभास नहीं था कि संक्रमण की जद में आ सकते हैं।
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सीएमएस बोले
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जिला अस्पताल के लेवल-2 हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट चालू हो चुका है। एक और ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए आया है। चूंकि इस बार महामारी की चपेट में बच्चों के आने की आशंका है। इसलिए लेवल-2 हॉस्पिटल में 15 बेड का वेंटीलेटरयुक्त वार्ड और 25 बेड का ऑक्सीजन पाइपलाइनयुक्त वार्ड तैयार कर लिया गया है। अस्पताल में डॉक्टर लोगों से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील निरंतर कर रहे हैं, लेकिन लोग नहीं मान रहे। इस पर नियंत्रण पुलिस विभाग के सहयोग से हो सकता है।
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