गंडक नदी के जलस्तर में आई कमी, बचाव कार्य शुरू
तमकुहीरोड (कुशीनगर )। गंडक नदी के डिस्चार्ज में कमी आने के बाद सोमवार से बाढ़ खंड के अभियंता नरवाजोत बांध की चार परियोजनाओं पर कार्य पूरा कराने में जुट गए। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बांध पर 40 करोड़ 84 लाख 34 हजार रुपये की लागत वाली चार परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी दी है।
नरवाजोत बांध पिछले साल ही गंडक नदी के निशाने पर आ गया था। उसे अंतिम दौर तक किसी तरह फ्लड फाइटिंग के जरिए बचाया जा सका था। इस बांध की संवेदनशीलता को देखते हुए गंडक हाई लेवल कमेटी व बाढ़ खंड कुशीनगर के प्रस्ताव पर इस साल उत्तर प्रदेश सरकार ने किलोमीटर 0.130 से किलोमीटर 0.500 के बीच आठ करोड़ 16 लाख 71 हजार, किलोमीटर 0.510 से किलोमीटर 0.710 के बीच सात करोड़ 85 लाख 87 हजार, किलोमीटर 0.720 से 0.920 के बीच 12 करोड़ 40 लाख 58 हजार और किलोमीटर 0.930 से किलोमीटर 1.140 के बीच 12 करोड़ 41 लाख 18 हजार की चार परियोजनाओं के लिए कुल 40 करोड़ 84 लाख 34 हजार की वित्तीय स्वीकृति दी थी। इन परियोजनाओं पर कार्य तो अप्रैल में ही शुरू हो गया था, लेकिन 16 जून को गंडक नदी में चार लाख बारह हजार क्यूसेक और बाद में कई बार ढाई से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यह कार्य कई बार प्रभावित हुआ।
अब गंडक नदी में पानी का बहाव कम होते ही बाढ़ खंड के जेई सुनील कुमार यादव, जेई राकेश कुमार व जेई राजेश कुमार सिंह सोमवार से फिर परियोजना के अधूरे कार्यों को पूरा कराने में जुट गए। सोमवार को मजदूर परियोजना के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के साथ बोल्डर से बांध का स्लोप तैयार करने का कार्य किया गया।