पडरौना। 16 मार्च को अभियान के दाैरान बिना पंजीकरण के पाए जाने पर 24 निजी अस्पतालों को सील किया गया था। यह अस्पताल भी उसी दिन सील किया गया था। उस दिन 74 अस्पतालों में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए उनके संचालकों को नोटिस दिया गया था।
इसके बावजूद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को नजरअंदाज कर सील अस्पताल का ताला तोड़कर एक सप्ताह पूर्व 65 वर्षीय आटेलाल निवासी गोनहा के चनरहा टोला का हाॅर्निया का आपरेशन किया गया था। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उकीकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर आई पुलिस व स्वास्थ्य विभाग ने फिर से अस्पताल को सील कर आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई। तीमारदारों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ सील व नोटिस के पेच में उलझा हुआ है और निजी अस्पताल संचालक आए दिन लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
सीएमओ डाॅ.चंद्र प्रकाश ने कहा कि वृद्ध का ऑपरेशन अस्पताल सील होने के पहले हुआ था। कार्रवाई के दिन मरीज वहां नहीं था। संचालक ने बाद में सील तोड़कर दोबारा भर्ती कर इलाज करने लगा। इस दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जा रही है। संवाद