- गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने कहा- हादसे के बाद से नींद गायब
गोरखपुर। नेपाल में हुए हादसे की तस्वीरें और खबरें सामने आने के बाद वहां रहने वाले अपनों की चिंता ने गोरखपुर के परिवारों की बेचैनी बढ़ा दी है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में नेपाल के करीब 70 छात्र-छात्राएं शोध कर रहे हैं। शोधार्थियों से बातचीत में सामने आया कि वे फिलहाल सुरक्षित हैं और उनके आसपास कोई बड़ी परेशानी नहीं है लेकिन हादसे की भयावहता ने मन में डर जरूर बैठा दिया है। (संवाद)
रात में नहीं आई नींद
बिरगंज निवासी नरेश प्रसाद जायसवाल गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में शोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं लेकिन घटना को देखकर डर लग रहा है। बुधवार की रात नींद नहीं आई। आसपास के हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं और परिवार से भी बार-बार बातचीत हो रही है। हादसे के बाद घरवालों की चिंता भी बढ़ गई है।
आगे सब सामान्य रहेगा या नहीं, यही सवाल
भरतपुर, चितवन निवासी अभिषेक घिमिरे अर्थशास्त्र विभाग में शोध छात्र हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद माहौल में चिंता साफ महसूस की जा सकती है। लोग एक-दूसरे का हालचाल पूछ रहे हैं और हर नई जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षित होने के बावजूद मन में यही सवाल है कि आगे सब कुछ सामान्य रहेगा या नहीं।
घरवालों की सता रही चिंता
भरतपुर, चितवन निवासी कृष्ण प्रसाद ज्ञवाली समाजशास्त्र विभाग में शोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा चिंता घरवालों की हो रही है। वह यहां ठीक हैं लेकिन परिवार लगातार फोन कर हाल पूछ रहा है। उनकी आवाज में डर साफ महसूस होता है। जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, मन को चैन मिलना मुश्किल है।
इलाके के सभी लोग सुरक्षित
चितवन निवासी नवनीता शाक्य व्यवसाय प्रशासन की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल सब ठीक है, यही सबसे बड़ी राहत है। उनके इलाके में सभी लोग सुरक्षित हैं लेकिन हादसे ने जिंदगी की अनिश्चितता का एहसास करा दिया है।