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Kushinagar News: म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटर में फंसे तीनों युवकों की वापसी की उम्मीद बढ़ी

Fri, 22 May 2026 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। म्यांमार में कथित साइबर स्कैम और जबरन श्रम के जाल में फंसे तीन भारतीयों उस्मान अंसारी, हसन राजा और अनुरंजन कुमार के बचाव और उनकी सुरक्षित वतन वापसी के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया है। गोरखपुर के मानवाधिकार एवं सामाजिक संगठन मदद फाउंडेशन की पहल पर यंगून स्थित भारतीय दूतावास ने म्यांमार प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है। यंगून स्थित भारतीय दूतावास के कान्सुलर सेक्शन ने इस संबंध में अब तक के प्रयासों की जानकारी दी है। इससे तीनों की जल्द वतन वापसी की उम्मीद बढ़ गई है।
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मदद फाउंडेशन के संस्थापक एवं गृह मंत्रालय के मानव तस्करी विषयक एम्पैनल्ड ट्रेनर राजेश मणि ने भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर पडरौना नगर के महाराणा प्रताप वार्ड निवासी मोहम्मद उस्मान अंसारी, उसके साथी मोहम्मद हसन राजा और सीतामढ़ी निवासी अनुरंजन कुमार के बचाव और सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए अनुरोध किया था। यंगून स्थित भारतीय दूतावास के कान्सुलर सेक्शन की ओर से भेजे गए मेल में बताया गया है कि संबंधित यूनियन, राज्य और स्थानीय प्रशासन को इस बाबत अनुरोध भेजा जा चुका है। पीड़ितों को जल्द सुरक्षित निकालने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है।


जालसाजों ने निर्माण और आर्किटेक्चर कार्य का झांसा देकर भेजा था
हाल के वर्षों में म्यांमार, कंबोडिया, लाओस और थाईलैंड जैसे देशों में भारतीय युवाओं को फर्जी नौकरी के नाम पर बुलाकर साइबर फ्रॉड नेटवर्क में फंसाने के मामले बढ़े हैं। कई मामलों में युवाओं के पासपोर्ट जब्त कर उनसे ऑनलाइन ठगी से जुड़े कार्य कराए जाते हैं। तीनों युवकों को भी जालसाजों ने निर्माण और आर्किटेक्चर कार्य में अच्छी नौकरी, आकर्षक वेतन और आवास का झांसा देकर वर्ष 2026 में म्यांमार भेजा था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें साइबर स्कैम से जुड़े काम में लगा दिया गया। पीड़ितों का कहना है कि उनकी आवाजाही पर प्रतिबंध है। विरोध करने पर प्रताड़ना की धमकी दी जाती है।
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विदेश में नौकरी के आकर्षक प्रस्ताव पर रहें सतर्क
भारतीय दूतावास और मदद फाउंडेशन ने लोगों से विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले आकर्षक प्रस्तावों से सतर्क रहने की अपील की है। कहा है कि किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले कंपनी, एजेंट, वीजा और जॉब प्रोफाइल का सरकारी एजेंसियों और भारतीय दूतावास से सत्यापन जरूर करा लें। मदद फाउंडेशन के राजेश मणि का कहना है कि भारतीय दूतावास का समय रहते मामले का संज्ञान लेना सकारात्मक कदम है। पीड़ितों की सुरक्षित वापसी तक प्रयास जरूरी हैं। साथ ही फर्जी एजेंटों और अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
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