- प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने पर आयोजकों ने उठाया कदम
-मां वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर करीब 15 लाख खर्च कर बनाया गया था गुफा
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। दुर्गा पूजा के अवसर पर कसया नगर में मां वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च कर बनी गुफा को आयोजन समिति के सदस्यों ने सोमवार को दुखी मन से खुद ही उजाड़ दिया। गुफा बनाने का काम करीब एक माह से चल रहा था। गुफा बनकर पूजा के लिए तैयार हुआ तो प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से रोक लगा दी। तर्क था कि 40 फीट ऊंची गुफा मानक के अनुरुप नहीं बना है और न ही इसकी अनुमति ली गई है। इसलिए उसमें दर्शन-पूजन के लिए रोक लगा दी गई।
कसया नगर के पडरौना रोड स्थित नौका टोला में मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए बनी गुफा को प्रशासन की ओर से रोकने पर जिन कारीगरों ने खुद डेढ़ माह से गुफा का निर्माण किया था, उन लाेगों ने खुद ही इसे उजाड़ दिया। इसे लेकर मौके पर मौजूद लोगों में काफी नाराजगी था।
आयोजन समिति के लोगों को जनप्रतिनिधि समझने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। नगर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर मां दुर्गा का भव्य पंडाल सजाया गया है। उसी क्रम में यह गुफा भी बनी थी। मां वैष्णो देवी की इस गुफा का निर्माण निर्मोही अखाड़ा के नेतृत्व में कराया गया था।
इस गुफा के तैयार हो जाने के बाद रविवार की शाम को दर्शन करने का सिलसिला शुरू होते ही पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा की दृष्टि से रोक लगा दी थी। पुलिस और प्रशासन ने गुफा के मानक के अनुरुप नहीं होने का हवाला देकर दर्शन करने से मना कर दिया था। इसे लेकर रविवार देर रात आयोजन समिति और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई और लोगों ने हंगामा किया था। किसी तरह से पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया था।
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दोपहर तक अफसरों का करते रहे इंतजार, कोई नहीं आया
सोमवार की सुबह आयोजन समिति को कुछ संभ्रांत लोगों ने आश्वासन दिया था कि मौके पर उच्चाधिकारी आएंगे और वार्ता करके मामले में कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा, लेकिन दोपहर बाद तक आयोजन समिति के पदाधिकारी व सदस्य इंतजार करते रहे। लेकिन कोई उच्चाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
हालांकि, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि और भाजपा नेताओं ने मौके पर जाकर आयोजन समिति और प्रशासन के बीच वार्ता का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। इसके बाद आयोजन समिति के सदस्यों ने आक्रोशित होकर जिस गुफा को करीब एक माह से तैयार किया था, उसे खुद ही उजाड़ दिए। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा।
प्रशासन के व्यवहार से आयोजक काफी निराश हुए। मां वैष्णो देवी की गुफा में दर्शन करने के लिए आ रहे श्रद्धालुओं को भी निराश होकर लौटना पड़ा।
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आयोजन समिति का आरोप- गुफा बनाने के लिए रोकना था तो पहले ही बता दिए होते
आयोजक समिति के सदस्यों ने बताया कि जब प्रशासन अनुमति नहीं दे रहा है तो हम लोग क्या कर सकते हैं। प्रशासन से यही कहना था कि जब उन्हें रोकना था तो पहले ही रोक दिए होते। निर्माण के दौरान पीडब्ल्यूडी के जेई को भेजकर हम लोगों से गुफा के स्ट्रक्चर को और मजबूत करने और सुरक्षित करने के लिए कहा गया था, जिस पर हम लोगों ने और अधिक रुपये खर्च कर मजबूत किया था, जबकि रविवार की शाम को प्रशासन की ओर से सूचना मिली कि सुरक्षा कारणों से मानक के अनुरूप नहीं होने से दर्शन नहीं करने दिया जाएगा। उसके बाद पुलिस ने रोक दिया और सोमवार को पूरे दिन समिति के सदस्यों और दर्शकों का इसी उलझन में पूरा दिन गुजर गया।
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पीडब्ल्यूडी के एक्सईन की ओर से रिपोर्ट मिली है कि 40 फीट ऊंची गुफा सुरक्षा की दृष्टि से मानक के अनुरूप नहीं है। इसमें कभी भी हादसा हो सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गुफा में दर्शन पर रोक लगाई गई।
योगेश्वर सिंह, एसडीएम, कसया