फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: सफेद बालू से काली कमाई की होड़, अधिकारियों को पता नहीं

Tue, 24 Oct 2023 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
हाटा तहसील के गांव दुबौल के छोटी गंडक नदी पर अबैद बालू खनन करते मजदूर। संवाद
विज्ञापन
-खनन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से छोटी गंडक नदियों में चल रहा अवैध बालू खनन का खेल
विज्ञापन

-कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, जिले में नहीं है बालू खनन का ठेका, खनन माफिया बेखौफ
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की सरपरस्ती में सफेद बालू खनन का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नावें तोड़ी जा रही हैं। खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने से प्रशासन कतरा रहा है। यही वजह है कि जिले में करीब बीस नदी के घाटों पर बदस्तूर बालू का अवैध खनन हो रहा है, जबकि एक भी बालू घाट का ठेका नहीं है। पूर्व में बरवापट्टी एसओ और सिपाही बालू खनन कराने के आरोप में निलंबित भी हो चुके हैं। हालांकि, खनन विभाग का दावा है कि जानकारी होने पर अवैध बालू के खनन पर रोक लगाई जाती है।
जिले के कप्तानगंज तहसील क्षेत्र में छोटी गंडक नदी में खोटही, हरदी छपरा, बालाछत्तर, पगार मुरलीछपरा, सुअरहा, बड़हरा लक्ष्मीपुर, टेढ़िया, मदरहवा, बभनौली, सेमरा, भूतहिया, कोटिया, बालाछत्तर, मिश्रौली, मलुकही, अथरहा सहित कई घाटों पर अवैध रूप से बालू खनन हो रहा है।
विज्ञापन

कुछ घाटों पर रात में नदी से बालू निकाला जाता है और सुबह होने से पहले तय स्थान पर पहुंचा दिया जाता है। हाटा तहसील क्षेत्र के लालीपार, स्वांगीपट्टी, पिपरा, दुबौली, गड़ेरीपट्टी, मुड़िला हरपुर, रगड़गंज, अकटहां में गंडक नदी के घाटों पर अवैध तरीके से बेखौफ दिन में बालू खनन किया जाता है। बालू खनन से जहां राजस्व का नुकसान होता है, वहीं नदी के किनारे किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन ऊसर हो रही है।
अवैध बालू खनन की शिकायत क्षेत्रीय लोग 11 बार कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन ने दो माह पूर्व फरदहां, रगड़गंज, सुअरहा, अकटहां के बालू घाटों पर पहुंचकर नावों को तोड़वाया था और बाहर निकाले गए बालू को नदी में फेंकवा दिया था। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के धोकरहा घाट, बरवापट्टी घाट, जमुआन घाट और किशुनवा घाट पर पुलिस की मिलीभगत से गंडक नदी में अवैध रूप से बालू खनन होता है। मई माह में एक बालू तस्कर और पुलिस के बीच तय रकम के लेन देन को लेकर हुई बात की रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।
एसपी की जांच में खनन माफियाओं से मिलीभगत की पुष्टि होने पर तत्कालीन एसओ सुरेशचंद्र राव और सिपाही मंगेश चौहान निलंबित हुए थे। इन दिनों फिर बालू खनन शुरू हो गया है। कसया के बैदौली निवासी मुन्ना निषाद की एक माह पूर्व महुआडीह घाट पर रात को बालू खनन करते समय बालू के अड़ार में दबकर मौत हो गई थी। इसकी वजह से दस दिनों तक बालू खनन बंद रहा, लेकिन इन दिनों बालू खनन फिर जोर पकड़ा है। इस घाट पर रात को बालू का खनन होता है। रात में ही डीसीएम से बालू को तय स्थानों पर पहुंचा दिया जाता है।
00000
बालू खनन माफियाओं के हैं लंबे हाथ
-बालू खनन माफियाओं की विभागीय पकड़ होने के कारण अफसर कार्रवाई नहीं कर पाते हैं। मामला फंसने पर जुर्माना लगाकर खनन माफियाओं को बचा दिया जाता है। एक माह के अंदर खनन विभाग और कप्तानगंज तहसील प्रशासन की ओर से 20 हजार से अधिक जुर्माना सफेद बालू लदे वाहनों पर लगाया है, लेकिन कार्रवाई की कड़ी में कहीं भी बालू माफियाओं का जिक्र नहीं किया जाता है और न ही उन्हें चिह्नित करने का प्रयास किया जाता है।
विज्ञापन

00000
-जिले में बालू खनन घाट का एक भी ठेका नहीं है। सफेद बालू खनन पर रोक लगी है। बड़ी गंडक नदी या छोटी गंडक व बांसी नदी में अवैध बालू खनन की सूचना मिलने पर बालू घाटों पर छापा मारा जाता है। नावों को तोड़ दिया जाता है और खनन सामग्री को कब्जे में ले लिया जाता है। बालू लदे वाहनोंं को थाने के सुपुर्द कर जुर्माना लगाया जाता है। बालू खनन कराने वालों की पहचान नहीं हो पाती है।
अभिषेक सिंह, खनन अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें