पडरौना। शहर के एक होटल में रविवार को होम्यो ग्रैंड कन्वेंशन 2026 की तरफ से 37वां राष्ट्रीय होमियोपैथिक वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें आर्गेनान ऑफ मेडिसिन को होम्योपैथ की जननी बताते हुए इसमें असाध्य रोगों के संपूर्ण इलाज संभव होने की बात कही गई।
होमियोपैथ के जनक डॉ. हैनीमैन व स्वर्गीय डॉ. सीपी सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव ने कहा कि होम्योपैथी एक समग्र चिकित्सा पद्धति है, जो शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को सक्रिय करने पर आधारित है। होम्योपैथ से जटिल-से जटिल बीमारियों का इलाज संभव है। इंटरनेशनल होमियोपैथिक स्पीकर डॉ. गौरी शंकर ने आर्गेनान ऑफ मेडिसिन होमियोपैथी पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि होमियोपैथी की जननी आर्गेनान ऑफ मेडिसिन है बिना इसके प्रैक्टिस संभव नहीं है। डॉ. डॉ पदमभानु सिंह ने कैंसर रोग और डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने गठिया, अर्थराइटिस, हड्डी का घिसना, हड्डी टेढ़ा होने, हड्डी का बढ़ना आदि पर व्याख्यान दिए।
सम्मेलन को जिला होमियोपैथिक अधिकारी डॉ अशोक सिंह, फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, डॉ. नित्यानंद श्रीवास्तव, डॉ. अरुण कुमार गौतम, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. निशांत, डॉ. गौरी शंकर, डॉ. वीरेंद्र नाथ मौर्य, डॉ विभा सिंह आदि ने संबोधित किया। अंत में आयोजक डॉ. अभ्युदय मौर्य ने सभी के प्रति आभार जताया।