होम्योपैथिक अस्पतालों में बढ़ेंगी सुविधाएं, मिले डॉक्टर
- अभी और डॉक्टर मिलने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले के राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों के दिन फिर से बहुरने वाले हैं। लंबे समय से रिक्त चल रहे अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती शुरू हो गई है। अभी नौ डॉक्टरों ने कार्यभार संभाल लिया है, जबकि कुछ और डॉक्टर मिलने की संभावना है। ऐसा हो जाने से होम्योपैथिक चिकित्सा व्यवस्था पर निर्भर मरीजों को इलाज में सहूलियत मिलने लगेगी। फिर उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।
जनपद में संचालित 45 राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टर तैनात न होना है। इन 45 अस्पतालों के सापेक्ष केवल 14 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं, जिन्हें अपने तैनाती वाले अस्पताल के अलावा अन्य रिक्त अस्पतालों में भी अतिरिक्त सेवाएं देनी पड़ रही है। समय पर इन अस्पतालों में डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। यहां तक कि जनपद मुख्यालय और जिला अस्पताल का आयुष अस्पताल भी डॉक्टर विहीन है।
होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग के मुताबिक संघ लोक सेवा आयोग से डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाने के बाद अब इन अस्पतालों में तैनाती शुरू हो गई है। इस जिले को मिले नौ डॉक्टरों ने अपने तैनाती वाले अस्पतालों में कार्यभार संभाल लिया है। कुछ और डॉक्टर मिलने की संभावना है।
शासन स्तर से नौ डॉक्टर जिले में भेजे गए हैं, जिन्होंने अपने तैनाती वाले अस्पताल में कार्यभार संभाल लिया है। लगभग छह डॉक्टर और मिलने की संभावना है। इससे अस्पतालों की स्थिति पहले से बेहतर होगी। डॉक्टरों की तैनाती वाले क्षेत्रों के मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी, फिर भी 45 अस्पतालों के सापेक्ष लगभग 20 और अस्पतालों के लिए डॉक्टरों की आवश्यकता पड़ेगी।
डॉ. अशोक कुमार गौंड़,
जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी।