पडरौना। अवैध वसूली और तस्करी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने हाईवे किनारे संचालित ढाबों और होटलों पर निगरानी बढ़ा दी है।
इन पर सीधी नजर रखने के लिए जियो टैगिंग कराकर ढाबों और होटलों का डिजिटल रिकाॅर्ड तैयार किया जाएगा। साथ ही संचालक और वहां काम करने वाले हर कर्मचारी का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। डेटाबेस तैयार करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गोरखपुर से कुशीनगर होते हुए बिहार के गोपालगंज को जोड़ने वाले हाईवे पर ढाबों और होटलों की संख्या 100 से अधिक है। पुलिस जांच में कई बार सामने आया है कि इनमें से कुछ को अवैध गतिविधियों के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
पशु व शराब तस्करी, मोरंग-बालू-लदे वाहनों के अवैध प्रवेश और परिवहन विभाग की अवैध वसूली जैसे मामलों में ढाबों की भूमिका सामने आई है। पिछले साल की घटनाओं की समीक्षा के बाद एसपी ने निगरानी बढ़ाने और जियो टैगिंग कराने का निर्देश दिया है।
सभी ढाबों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश : हाईवे से जुड़े थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के ढाबों और होटलों की जियो टैगिंग करेंगे। सभी ढाबों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का भी निर्देश दिया गया है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से किसी भी घटना के बाद संबंधित स्थान और वहां मौजूद लोगों की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।