मरीजों की भीड़ से कराह रहा जिला अस्पताल
100 बेड की क्षमता, भर्ती हो गए 166 मरीज
एक बेड पर दो-दो मरीज, फर्श और चबूतरे पर लिटाकर चला इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। बरसात के इस मौसम में संयुक्त जिला चिकित्सालय के वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं। आलम यह है कि अस्पताल की क्षमता के डेढ़ गुना से भी अधिक मरीज भर्ती कराए गए हैं। कहीं एक बेड पर दो-दो मरीज तो कहीं फर्श या चबूतरे पर ही मरीजों को लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। सबसे विकट स्थिति तो एसएनसीयू वार्ड की हो गई है, जहां बुधवार को एक-एक नियोनेटल बेड पर दो से तीन नवजात भर्ती किए गए हैं। मरीजों और तीमारदारों के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय की क्षमता 100 बेड की है। इसमें 50 बेड का जनरल वार्ड भूतल और 50 बेड का प्रथम तल पर है। बरसात में यहां डायरिया, बुखार, दुर्घटना में घायल सहित अन्य प्रकार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। बुधवार को वार्ड में पेड़ के नीचे दबकर घायल शारदा देवी (35) निवासी सिराजपुर, दुर्घटना में घायल तरयासुजान थाना क्षेत्र के मठिया गांव के इमाम अली (25), एनीमिया से पीड़ित हसीता खातून (70) निवासी शुक्लपट्टी, अंबेडकरनगर नौका टोला की डायरिया पीड़ित शिल्पी(25), इसी बीमारी से ग्रस्त पकड़ी खुर्द की सुनीता (50), श्वांस रोग से पीड़ित पांडेयपट्टी के भिखारी (40), झटके की बीमारी से जूझ रही मथौली बाजार की सरोज (25)और दो लावारिस समेत 166 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती थे।
सीएमएस डॉ. बजरंगी पांडेय ने बताया कि अस्पताल में बेड की क्षमता से अधिक मरीज आने से थोड़ी समस्या हुई है। संसाधन उपलब्ध होते ही बगल का 100 बेड का नया एमसीएच विंग भी चालू हो जाने से यहां के मरीज शिफ्ट कर दिए जाएंगे, जिससे भीड़ कम हो जाएगी। वार्ड के अधिकांश एसी ठीक करा दिए गए हैं।
एसएनसीयू में चार गुना मरीज
अस्वस्थ नवजात बच्चों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में एसएनसीयू और केएमसीयू यानी कंगारू मदर केयर यूनिट भी स्थित है। ये यूनिट भी संख्या अधिक होने के कारण भरे मिले। सात न्यूनेटल बेड वाले इस यूनिट में बुधवार को 29 नवजात भर्ती थे। संख्या अधिक हो जाने की वजह से किसी बेड पर दो तो किसी पर तीन नवजातों को भर्ती कर उनका इलाज करना पड़ रहा था।
तीन डायलिसिस मशीनें खराब
पडरौना। संयुक्त जिला चिकित्सालय में लगी तीन डायलिसिस मशीनें खराब हो गई हैं। ऐसे में सात मशीनों से ही डायलिसिस हो रही है। इस वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस अस्पताल में 10 मशीनों से युक्त डायलिसिस यूनिट है। यूनिट के प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि तब से अब तक 3440 मरीजों की डायलिसिस की जा चुकी है। तीन दिन पहले हाईवोल्टेज के कारण तीन मशीनें खराब हो गई थीं। सात मशीनों से ही डायलिसिस की जा रही है। 80 मरीज वेटिंग में हैं। यदि खराब तीनों मशीनें बन जाएं तो मरीजों की समस्या कम हो जाएगी।
जिला अस्पताल में कालाजार का मरीज भर्ती
पडरौना। संयुक्त जिला चिकित्सालय में कालाजार का एक मरीज भर्ती कराया गया है। जनवरी से अब तक जनपद में 15 लोग कालाजार की चपेट में आ चुके हैं।
तरयासुजान क्षेत्र के बेंदूपार गांव निवासी रामलाल (35) करीब तीन महीने से बीमार हैं। जांच के दौरान पता चला कि उन्हें कालाजार हो गया है। अब तक वह गोपालगंज और मीरगंज में इलाज करा रहे थे, लेकिन बीमारी ठीक न होने पर घरवालों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। रामलाल का इलाज कर रहे जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इलाज शुरू होने के बाद उनकी हालत में सुधार है। जिला मलेरिया अधिकारी एसएन पांडेय ने बताया कि जनवरी से अब तक रामलाल समेत जनपद के 15 लोग कालाजार की चपेट में आ चुके हैं। जिन मरीजों को भर्ती कराया गया था, वे स्वस्थ होकर घर लौट गए।