होली के दिन चिकित्सकों के साथ बैठक करते एसीएमओ।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। रंगों के पर्व होली पर जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट रहा। त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) सक्रिय दिखे। उन्होंने जिले को चार सर्किल में बांटकर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की। होली के दिन मारपीट और दुर्घटना और मारपीट में घायल 123 लोगों का इलाज हुआ। विभिन्न अस्पतालों में 200 मरीज भर्ती किए गए।
होली के दिन जरूरतमंदों को त्वरित इलाज मुहैया कराने के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई थी। इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रहीं। होली के दिन सबसे अधिक मरीज सड़क हादसों और आपसी मारपीट में घायल होकर अस्पताल पहुंचे। कई स्थानों पर नशे की हालत में वाहन चलाने से दुर्घटनाएं हुईं, जबकि रंग डालने को लेकर हुए विवाद भी मारपीट में तब्दील हो गए। मेडिकल कॉलेज समेत विभिन्न सीएचसी पर घायलों का उपचार किया गया। सीएमओ ने विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और इमरजेंसी सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े और गंभीर मरीजों को तत्काल रेफर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि अधिकांश मामलों में प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को घर भेज दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायलों को भर्ती कर इलाज जारी है।