कुशीनगर। कसया क्षेत्र में कलयुगी बेटे ने पिता की हत्या कर दी। यह पहली घटना नहीं है जब अपनों ने ही रिश्तों का कत्ल किया हो। इससे पहले भी कभी नशे में तो कभी दूसरे लालच में पिता-पुत्र के बीच संघर्ष होता रहा है।
वहीं निजी दुश्मनी, अवैध संबंध, जमीन के विवाद में भी अपने ही अपनों का खून बहाने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। खून के रिश्तों से शर्मसार होती मानवता लोगों को झकझोर रही है। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले आए हैं, जिसमें पिता, मां, भाई, पत्नी, चाचा ने ही अपनों का कत्ल कर दिया।
जिले में लगातार खून के रिश्ते दागदार हो रहे है। पिछले कुछ महीनों से ऐसे मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं। कसया की बुद्धनगरी में बेटे ने पिता से पैसे की मांग की। मना करने पर लाठी से पीटकर हत्या कर दी। इसके पहले भी कलयुगी पुत्र पिता का सहारा बनने के बजाय उन्हें मौत के घाट उतार चुके हैं। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में वसीयत करने से नाराज पुत्र ने अपने पिता की लाठी-डंडे व लात-घूसों से पीटकर जान ले ली थी। इसके अलावा हाल में ही बेरहम पिता ने बेटी का गला काटकर मौत के घाट उतार दिया था। पिछले माह जटहा बाजार थाना क्षेत्र में अवैध संबंध में बाधक बनने पर एक चौकीदार ने बहू के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं हाटा क्षेत्र में दो दोस्तों ने मिलकर दोस्त की हत्या की थी। निजी दुश्मनी और जमीन के विवाद को लेकर भी कत्ल होते रहे हैं। किसी ने अवैध संबंधों के कारण अपनों को मार डाला तो कहीं गुस्से में अपनों को मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसे ही मामलों को रोकना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है। वहीं, समाजशास्त्री ऐसे मामलों के लिए तनाव भरी जिंदगी में सामूहिक परिवार न होने के कारण गुस्सा जल्दी आने को इसका मुख्य कारण मान रहे हैं।