किसानों की आय बढ़ाना चाहती है सरकार
पडरौना। भाजपा सरकार किसानों के उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ कर उन्हें खुला बाजार उपलब्ध कराना चाहती है, ताकि किसान उत्पादों को अधिक कीमत पर बेचकर आय बढ़ा सकें। इसके लिए सरकार ने कानून बनाने के अलावा अन्य कई जतन कर रही है। प्रदेश सरकार जिले स्तर पर उपलब्ध उत्पादों को एक जिला एक उत्पात योजना में शामिल कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने अलावा जिले को नई पहचान देने का प्रयास कर रही है। लोगों को इन सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए।
ये बातें उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीराम चौहान ने कही। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में भाजपा सरकार ने समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की है। युवाओं को एक छत के नीचे रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेला और गरीबों की बेटियों के हाथ पीले करने के लिए सामूहिक विवाह योजना बनाई है। इस सरकार में समाज का अंतिम व्यक्ति सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्नति कर रहा है।
इसके पूर्व मंगलवार को उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर किसान मेले व केला प्रदर्शन के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने मेले में लगी विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी का निरीक्षण कर उत्तर प्रदेश सरकार के चार वर्षों के उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. बीआर मौर्या ने किया। इस दौरान डीएम एस राजलिंगम, सीडीओ अनुज मलिक, डीडी कृषि चौधरी अरुण कुमार, जिला कृषि अधिकारी प्यारेलाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद मिश्र, आरके मौर्य, मार्कंडेय शाही, रितिक सिंह गौतम, रामेश्वर कुशवाहा, फुलबदन कुशवाहा, बंका सिंह, विजय शुक्ल, संतोष दत्त राय, अवधेश सिंह, दिनेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
35 विभागों ने लगाई प्रदर्शनी
कुशीनगर के बुद्धा पार्क में चार दिवसीय केला महोत्सव में 35 विभागों और उद्यमियों ने स्टाल लगाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर 2018 में प्रदेश सरकार ने पारंपरिक उद्यम को बढ़ावा देने के लिए ओडीओपी योजना शुरू की थी। कुशीनगर में केले की अच्छी खेती को देखते हुए केले के रेशे (फाइबर) से बने उत्पादों को जिले की ओडीओपी में चयनित किया गया। बाद में इसमें केले के अन्य उत्पादों को भी जोड़ दिया गया। वर्तमान में जिले में 4400 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर केले की पैदावार हो रही है। 4000 किसान इसकी खेती से जुड़े हैं। जिला उपायुक्त, उद्योग और उद्यम प्रोत्साहन सतीश कुमार ने कहा कि बनाना फेस्टिवल से यह संख्या और बढ़ेगी। प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए यहां एक सीएफसी (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) की कार्य योजना भी अंतिम प्रक्रिया में है। जिले में अभी बनाना फाइबर प्रोसेसिंग की तीन यूनिट हैं और सीएफसी बनने से यह संख्या तेजी से बढ़ेगी।
केले के पापड़, चिप्स और आचार की फेस्टिवल में धूम
महोत्सव में पहुंच रहे लोग यह देख उत्साहित हैं कि जिस केले को हम खाकर उसका छिलका फेंक देते हैं, उस केले के पौधे का हर भाग उपयोगी है। केले के रेशे से बनाए गए कपड़े, चप्पल, दरी और तमाम सजावटी सामान लोगों का मन मोह रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग से तैयार केले के पापड़, चिप्स और आचार की भी धूम है।
केले का हर भाग उपयोगी
केला फल के रूप में एक संपूर्ण पोषक खाद्य सामग्री है। प्रोसेसिंग के जरिए इसका हर भाग उपयोगी है। सरकार के प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने से पहले फल का उपयोग कर बाकी हिस्से को फेंक दिया जाता था। अब केले से चिप्स, अचार और पापड़ बनाने के साथ इसके पत्तों और तने के रेशों का विभिन्न उत्पाद बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। अपशिष्ट से जैविक खाद भी बनाई जा रही है। पत्तों से प्लेट बन रही है तो तने से निकाले गए रेशों से कपड़े, टोपी, फुटमैट और अन्य सजावटी सामान।