जौरा बाजार के कनौरा में कथा सुनाते पं विरेन्द्र तिवारी व मौजुद लोग।स्रोत-सोशल मीडिया
- फोटो : nowshera news
जौरा बाजार। क्षेत्र के कनौरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार की शाम कथा वाचक आचार्य पंडित वीरेंद्र तिवारी ने श्रीराम के वन गमन और केवट उद्धार की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान भक्त के प्रेम और समर्पण में बंधे होते हैं।
कथावाचक आचार्य पंडित वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि जब भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वन गमन का निर्णय लिया, तब उन्होंने आदर्श पुत्र, आदर्श भाई और आदर्श पुरुषोत्तम का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा केवट के प्रभु श्रीराम का चरण धोकर उन्हें गंगा पार कराना सच्ची सेवा और निष्काम भक्ति का प्रतीक है। कथा का शुभारंभ जौरा बाजार के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शम्भू बरनवाल व गिरीश गौड़ ने व्यासपीठ का पूजन कर किया।
इस दौरान मुख्य यजमान छट्ठू गिरी, कमला देवी, जटाशंकर गोस्वामी, राजन गोस्वामी, वाल्मीकि गोस्वामी, शांतनु गोस्वामी, विष्णु गोस्वामी, देवेंद्र उर्फ इंदू उपाध्याय, नंदलाल विद्रोही, गुरुदत्त उपाध्याय, अरविंद मिश्र, रामसेवक वर्मा आदि मौजूद रहे।