गीतांजलि हॉस्पिटल।स्रोत-सोशल मीडिया
रामकोला। नगर के गीतांजलि हॉस्पिटल का स्वास्थ्य विभाग टीम ने ओपीडी और डॉक्टर का कक्ष सील कर दिया है। इसी मकान के दूसरी मंजिल पर परिवार रहने के कारण पूरा मकान नहीं सील हो सका।
आरोपी हॉस्पिटल संचालक अरविंद शर्मा की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। अभी तक वह पुलिस के सामने नहीं आया है। वहीं पीड़ित परिवार महिला के ऑपरेशन में हुई लापरवाही में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहा है। रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव निवासी 30 वर्षीय पूनम देवी को 21 नवंबर की रात को प्रसव पीड़ा हुई। घर वाले टेंपो से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात नर्स ने रात में आपरेशन नहीं होने की बात कह लौटा दिया। साथ में गई गांव की आशा कार्यकर्ता परिजनों को झांसा देकर रामकोला कस्बे के गीतांजलि हॉस्पिटल में लेकर चली गई।
देर रात को ऑपरेशन के बाद महिला ने जुड़वा बच्चा को जन्म दिया। 22 नवंबर को दोपहर में पूनम की मौत हो गई। जांच में लापरवाही सामने आने और जिस डॉक्टर के नाम पर अस्पताल का पंजीकरण था। उसको छोड़ दूसरे डॉक्टर से ऑपरेशन कराने की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश के बाद सीएमओ ने हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया।
इसके बाद से आरोपी हॉस्पिटल संचालक की तलाश पुलिस ने शुरू किया तो वह फरार हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल की ओपीडी और डॉक्टर का कक्ष सील कर दिया है। संचालक अरविंद शर्मा की पत्नी मीरा शर्मा की डिग्री भी संदिग्ध है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अवधेश कुशवाहा ने कहा कि गीतांजलि हॉस्पिटल का ओपीडी तथा चिकित्सक कक्ष को सील कर दिया गया है उसमें परिवार रहने की वजह से पूरा हॉस्पिटल सील नहीं किया जा सकता है।