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Kushinagar News: बांसी नदी में फिर दिखा घड़ियाल, दहशत में ग्रामीण

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तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र से होकर बहने वाली बांसी नदी में लगातार घड़ियाल दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार की रात मलाही टोला घाट स्थित पुल के पास घड़ियाल देखे जाने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई। इससे पहले भी बिनटोलिया गांव और शिवा घाट पर घड़ियाल दिखाई दे चुके हैं। सेवरही नगर पंचायत प्रशासन और पुलिस नदी में स्नान, मछली का शिकार करने वालों को जागरूक कर रही है। वन विभाग का मानना है कि बरसात के मौसम में घड़ियालों की संख्या बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए जागरूकता ही उपाय है।
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मुख्य पश्चिमी गंडक नहर का पानी छोड़े जाने के बाद बांसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यह नदी तिवारी पट्टी, घाट टोला, दमकला घाट, शिवा घाट, शिवशक्ति नगर, बिनटोलिया, नरवा टोला, गोलाघाट, हनुमान टोला और जीरो पुल होते हुए पिपराघाट में गंडक नदी से मिलती है। गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में बच्चे और युवा नदी में स्नान करने पहुंचते हैं। ऐसे में पिछले एक सप्ताह से अलग-अलग स्थानों पर घड़ियाल के दिखाई देने से लोगों में भय व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे खेती की जमीन होने के कारण किसान नियमित रूप से खेतों में जाते हैं और मवेशियों को भी वहीं चराते हैं। ऐसे में किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूरी हैं।
सेवरही नगर पंचायत अध्यक्ष सोनिया जायसवाल ने इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दे दी है। नगर पंचायत और वन विभाग की ओर से नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों से नदी में न उतरने की अपील की जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी घड़ियाल के वीडियो साझा कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल, मायाशंकर निर्गुणायत, ब्यास निषाद, कृष्णा जायसवाल, ऋषिकेश वर्मा और मक्खन जायसवाल समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। डीएफओ वरुण सिंह ने बताया कि गंडक के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। जागरूकता से ही बचाव किया जा सकता है। नदी के पास जाने से लोगों को मना किया जा रहा है।
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