नरवाजोत में कटान करती नदी। संवाद
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज 1.31 लाख से घटकर बुधवार को 50 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे नदी अब बांध से दूर होने लगी है। तटबंधों से भी पानी का दबाव कम होने लगा।
बांध पर से कटान का खतरा टलने से लोग राहत महसूस करने लगे हैं। लोगों का कहना है कि बरसात का चार महीना बांध के किनारे बसे लगभग बीस हजार के अधिक आबादी पर भारी पड़ता है और उन्हें बाढ़ व कटान के खतरे के साए में रहना पड़ता है। डिस्चार्ज कम हो जाने के बाद भी बाढ़ खंड के अभियंता सभी संवेदनशील जगहों पर नजर बनाए हुए हैं।
मानसून सत्र अब अपने अवसान पर है। गंडक नदी का डिस्चार्ज 1.31 लाख से घट कर बुधवार को 50 हजार क्यूसेक के पास आ गया है। इससे नदी का जलस्तर तेजी से सामान्य होने लगा है। नदी का दबाव तटबंधों से कमजोर पड़ने लगा है। इससे बांध के किनारे बसे लोग अब राहत महसूस करने लगे हैं। इसके पहले नदी अगस्त महीने में पिपराघाट स्थित नरवाजोत एक्सटेंशन के पास के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के पांच सौ मीटर के हिस्से को कटान के जद में ले लिया था।