धारा मोड़ने के लिए बना चैनल, कटान कम होने का दावा
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। एपी बांध पर बाघाचौर और अहिरौलीदान के बीच गंडक नदी का दबाव कम करने और धारा को मोड़ने में जुटी गंगा बैराज मेकेनिकल मेंटेनेंस डिविजन कानपुर की टीम ने डोजर मशीन को वापस भेज दिया। टीम के अभियंताओं का कहना है कि उनका कार्य पूरा हो चुका है और जल स्तर भी अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। ऐसे में अब इस मशीन की कोई जरूरत नहीं रह गई है।
पिछले साल शासन और बाढ़ खंड की लापरवाही के चलते गंडक नदी ने बाघाचौर और अहिरौलीदान ग्राम सभा के नोनियापट्टी, मदुरही, डीह टोला, खैरखूटा और कचहरी टोला में भारी तबाही मचाई थी। इसके चलते डेढ़ सौ अधिक कच्चे और पक्के मकान गंडक नदी में समा गए थे। ग्रामीणों को भारी क्षति उठानी पड़ी थी। शासन ने इस साल मानसून शुरू होने के पहले ही गंगा बैराज मेकेनिकल मेंटेनेंस डिवीजन कानपुर की टीम को गंडक नदी की धारा को एपी बांध के विपरीत दिशा में मोड़ने में लगा दिया था और यह टीम दो माह से ही डोजर मशीन की सहायता से नदी की धारा को मोड़ने के कार्य में जुटी थी।
इधर लगभग एक सप्ताह से गंडक नदी के जलस्तर लगातार वृद्धि को देखते हुए डोजर मशीन को निकलवाकर वापस भेज दिया है। इस तरह गंडक नदी की धारा को मोड़ने का कार्य शनिवार से पूरी तरह बंद हो गया है। कार्य बंद कर दिए जाने पर भाजपा नेता जेके सिंह, जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल, ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, मिथिलेश गोड़, संजय कुमार सिंह, सुजीत यादव, कृष्णा निषाद, पप्पू सिंह, गौतम सिंह आदि का कहना था कि यदि कार्य कुछ और दिन तक होता तो इस क्षेत्र के लोगों को और अधिक राहत मिल सकती थी। सहायक अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि टीम ने अपना काम पूरा कर लिया है। अब चूंकि नदी में पानी बढ़ने लगा है तो आगे यह कार्य संभव नहीं है। एपी बांध के किलोमीटर 12.000 से किलोमीटर 14.500 के बीच नदी की धारा को मोड़ने के लिए चैनल का निर्माण किया जा चुका है। इससे न केवल एपी बांध पर गंडक नदी का दबाव कम हो गया है, बल्कि मानसून सत्र में कटान व बाढ़ का खतरा भी कम हो गया है।
क्षतिग्रस्त स्पर की मरम्मत कराने की मांग
तमकुहीरोड। बीन टोला के पास एपी बांध पर बने स्पर पर गंडक नदी का दबाव बढ़ने से लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। खतरे को देखते हुए लोगों ने क्षतिग्रस्त स्पर की मरम्मत कराने की मांग की।
बाढ़ खंड विभाग ने वैसे तो एपी बांध से गंडक नदी को दूर रखने के लिए कई स्पर और स्टड बना रखा है, लेकिन इनमें से अधिकांश की हालत ठीक नहीं है और वह क्षतिग्रस्त हो चुके है। इसी तरह का एक स्पर किलोमीटर 1.480 पर बनाया गया है। पिछले साल इसी स्पर केे टूटने का खतरा उत्पन्न हो गया था तो फ्लड फाइटिंग के जरिए बचाना पड़ा था। गांव वालों का कहना है कि तबसे आज तक इस स्पर पर किसी प्रकार का कोई बचाव कार्य नहीं किया गया है। नदी के दबाव से एपी बांध और गांव पर खतरा बढ़ता जा रहा है। इस स्पर को मजबूत करना एपी बांध और बीन टोला की सुरक्षा के लिए जरूरी है। गांव के बाबूलाल निषाद, प्रदीप सिंह, जेपी निषाद, लक्ष्मण, वीरेंद्र, लालजी, सुबाष, अंगद ने क्षतिग्रस्त स्पर की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।