पडरौना। ट्रैवल एजेंसियों के नाम पर पूर्वांचल से लेकर बिहार तक फैले जालसाजी के जाल में अभिषेक पांडेय का एक गिरोह नहीं है। बल्कि, पड़ोसी जिले गोपालगंज से लेकर पश्चिम चंपारण और पूर्वांचल तक ऐसे ही कई अन्य गिरोह भी सक्रिय है, जो बेरोजगार युवकों को विदेश भेजकर ठगी करते हैं।
ऐसे में देखा जाए तो यहां के बेरोजगार युवकों को ठगने वाले उनके अपने ही हैं जो धोखा देकर पहले रकम ऐंठते हैं और फिर विदेश में गैर कानूनी काम करने को विवश करते हैं। जिले में कई ऐसे ट्रैवल एजेंसी हैं, जिसकी आड़ में ठगी का नेटवर्क सक्रियता से काम कर रहा है। कुछ माह पूर्व जिले के रामकोला, कसया, पडरौना आदि शहरों ट्रैवल एजेंसियों के सहारे ऐसी ठगी होती थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद ऐसी अवैध एजेंसियां बंद कर एजेंट फरार हो गए। अब सीमावर्ती इलाकों में ऐसी ट्रैवल एजेंसी खोलकर जालसाजी का खेल शुरू हो गया है।
जिले के पूर्वी छोर का सीमावर्ती इलाका तरयासुजान क्षेत्र आपराधिक गतिविधियों के साथ जालसाजों का केंद्र बनने लगा है। पिछले दिनों यहां का एक जालसाज और बिहार के गोपालगंज के दो जालसाज पकड़े गए। यह एक इकलौता मामला नहीं है सूत्रों के मुताबिक यहां के जालसाज पड़ोसी जिले बिहार के गोपालगंज, सिवान, छपरा आदि के जालसाजों के साथ ट्रैवल एजेंसी की आड़ में ठगी का ऐसा प्लेटफार्म तैयार कर रहे हैं, जिसका कनेक्शन विदेश तक है। पहले ये बेरोजगार युवकों को विदेश में नौकरी के नाम पर रकम लेकर भेजते हैं और फिर वहां भेजने के बाद उन्हें कमरे में बंद कर प्रताड़ना देने के साथ उनको कई तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल कराते हैं। साइबर ठगी के मामले में जोड़कर मुख्य चेहरे के रूप में इस्तेमाल कर रकम ऐंठ लेते हैं। विदेश गए व्यक्ति लाचार और ठगी का शिकार होने के बावजूद कानूनी पेच के कारण वापस नहीं आ पाते। जबतक वे वापस आते हैं तब तक सैकड़ों युवक इसका शिकार हो चुके होते हैं।