महराजगंज। मिट्टी कला को बढ़ावा देने व इलेक्ट्रिक चाक के पहिए से परिवार चलाने वाले कुम्हारों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। ग्रामोद्योग विभाग के पास 40 इलेक्ट्रिक चाक आ चुके हैं। जिन्हें कुम्हारों को देकर नये तरह के बर्तन बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। चुनाव के बाद ही इसे अमली जामा पहनाया जा सकेगा।
कुम्हारों की आय बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने माटीकला बोर्ड का गठन किया है। इसके माध्यम से मिट्टी के बर्तन, कुल्हड़ मूर्तियां, खिलौने बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले माटीकला के कारीगरों को निशुल्क इलेक्ट्रानिक चाक दिया जाएगा, जिससे प्लास्टिक के बने बर्तनों में कमी लाई जा सके।
जिला ग्रामोद्योग विभाग ने 40 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक देने की योजना बनाई है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी रामचंद्र प्रसाद ने बताया चाक वितरण के साथ विभिन्न वस्तुओं को बनाने के लिए ट्रेनिंग देने की कवायद भी होगी। यहां के कुंभकार चाय और लस्सी के ग्लास तो बना रहे हैं, लेकिन अब उन्हें चुनार के तर्ज पर एक बार से अधिक प्रयुक्त होने वाले चाय कप, राजस्थान में बन रहे कुकर, रोटी तवा, पानी जग, थाली आदि को बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। चुनाव के दौरान ही इलेक्ट्रिक चाक आया इसलिए चुनाव बाद इसका वितरण प्रशिक्षण के बाद कराया जाएगा। अधिसूचना के कारण प्राप्त हुए चाक का वितरण रुका है। चुनाव के बाद प्रशिक्षण और इलेक्ट्रिक चाक का वितरण किया जाएगा। इसके लिए कमेटी का निर्धारण किया जा रहा है।