हाटा। ढाढ़ा एथेनाॅल कंपनी के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच चल रही खींचतान के बीच सोमवार को पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह को पुलिस-प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। करीब साढ़े तीन घंटे नजरबंद रहे पूर्व मंत्री के आवास पर ही किसानों के साथ सपा नेताओं ने जनसभा की। इस दौरान उन्होंने पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।
तहसील में धरना देने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी थी। ऐसे में सोमवार सुबह से ही पूर्व मंत्री का आवास और तहसील पुलिस छावनी में तब्दील रहा। ढाढ़ा में बनने वाली एथेनाॅल कंपनी के लिए अधिग्रहीत भूमि पर प्रशासन ने एक दिसंबर को भारी फोर्स की मौजूदगी में चीनी मिल प्रबंधन को जमीन पर कब्जा दिला दिया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच विवाद भी हुआ था। इस मामले में पुलिस ने 56 किसानों पर केस दर्ज कर 13 किसानों को हिरासत में लिया था। इसकी जानकारी होने के बाद पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह और भाकियू के नेता गांव पहुंचे। पीड़ित किसानों से वार्ता कर उनकी बातों के सुनने के बाद प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री ने 15 दिसंबर तक किसानों के समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर हाटा तहसील में 16 दिसंबर को धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी।
15 दिसंबर को प्रशासन ने पूर्व मंत्री की ओर से धरना प्रदर्शन के लिए दी गई अनुमति को प्रशासन ने निरस्त कर दी थी। बावजूद सोमवार को हाईवे किनारे राधेश्याम सिंह के अलावा सपा नेताओं और किसानों की भीड़ जुट गई। इसकी भनक लगते ही प्रशासन अलर्ट हो गया और कुछ ही घंटे में हाटा तहसील पुलिस छावनी में तब्दील हो गई।
पूर्व मंत्री के आवास को पुलिस ने घेर लिया और तहसील में जाकर प्रदर्शन करने से मना करते हुए उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया। पुलिस-प्रशासन सख्ती को देखते हुए पूर्व मंत्री ने अपने पार्टी के नेताओं और किसानों के साथ घर के परिसर में जनसभा की और प्रशासन पर किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। दिन में करीब 11 बजे से दो बजे तक जनसभा चली। एसडीएम प्रभाकर सिंह, सीओ कुंदन सिंह, पूर्व मंत्री के आवास पहुंचे और पांच सूत्रीय मांग पत्र लिया। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष शुकरुल्लाह अंसारी, सुनील दत्त शाही, रणविजय सिंह, बालकृष्ण मिश्र, सुरेश यादव आदि किसान मौजूद रहे।