बसडीला पांडेय के चंवर में बृहस्पतिवार को दिखा तेंदुआ मंगलवार की शाम तक पकड़ा नहीं जा सका। सोमवार से ही पिंजरा लगाकर वन विभाग के लोग उसे पकड़ने के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन तेंदुआ उनकी घेरेबंदी में नहीं आ रहा है। सोमवार की रात में तेंदुआ के फुरसतपुर, बेलवा बुजुर्ग तथा झनकौल गांव में देखे जाने के बाद दहशत और बढ़ गई। इस क्षेत्र के 15 गांवों में तेंदुए के भय से लोग पूरी रात जागकर पहरा दे रहे हैं।
रविवार की रात को तेंदुए ने एक बछड़े को मार डाला था। सोमवार को डीएफओ वेदप्रकाश जायसवाल पांच रेंजरों और अन्य वन कर्मियों के साथ बसडीला पांडेय गांव पहुंचे थे। एक खेत में पिंजरा लगाकर उसमें बकरी बांधी गई। परंतु तेंदुआ पिंजरे की तरफ गया ही नहीं। अभी वन कर्मी किसी नई रणनीति पर विचार करते, तब तक तेंदुआ फुरसतपुर निवासी रविंद्र सिंह के घर के पास पहुंच गया। तेंदुआ रविंद्र सिंह की छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था। लोगों ने शोर मचाने के साथ ही 100 नंबर और वन विभाग को इसकी सूचना दी। गांववालों ने उसे दौड़ाया तो वह बेलवा बुजुर्ग और झनकौल गांव के सामने दिखने के बाद, कहीं छिप गया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम देर रात तक फुरसतपुर गांव के अलावा अन्य गांव में सर्च ऑपरेशन चलाती रही, लेकिन तेंदुआ बाहर नहीं निकला। मंगलवार को सुबह ही डीएफओ दो रेंजरों के साथ बसडीला पांडेय गांव पहुंचे तथा वन कर्मियों के साथ पूरे दिन चंवर में हूटर बजाते हुए तेंदुए को खोजते रहे। ग्रामवासी पवन सिंह, राणा सिंह, सद्दाम हाशमी, त्रिपुरारी पांडेय, प्रमोद पांडेय, पवन आदि लोग वन कर्मियों के साथ देर शाम तक तेंदुए की तलाश कर रहे थे। डीएफओ वेदप्रकाश जायसवाल ने कहा कि पिंजरा लगाकर तेंदुए की घेरेबंदी की जा रही है। उसे जल्दी पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।