खड्डा। बाढ़ की आहट के बीच नदी पार के गांवों को राहत और बचाव की उम्मीद में शिवपुर पुलिस चौकी को बाढ़ चौकी तो घोषित कर दिया गया लेकिन कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहा है। सिर्फ बाढ़ चौकी का पोस्टर लगा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां न नाव है, न दवा और न ही अनाज या पशुओं के चारे की व्यवस्था। ऐसे में बाढ़ आने पर करीब 30 हजार की आबादी को राहत कैसे मिलेगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
शिवपुर, हरिहरपुर, नारायनपुर, बसंतपुर और मरचहवा गांव के लोग बाढ़ के दौरान इसी चौकी से राहत और बचाव की उम्मीद करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ चौकी पर आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी संसाधन तक उपलब्ध नहीं हैं। न लोगों के लिए चिकित्सा सुविधा है और न ही जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नाव।
ग्रामीणों के अनुसार हरिहरपुर, शिवपुर और नारायनपुर समेत आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचना शुरू हो गया है। हरिहरपुर गांव के करीब तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पानी बढ़ने की स्थिति में आवागमन के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो सकता है।