पथलहवा में आग लगने के दौरान फूलवंती ने पशुओं को मरने से बचा लिया।
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खड्डा। पथलहवा में आग लगने के दौरान झुलसने वाली फूलवंती को खुद से अधिक अपनी गाय और बछड़े की फिक्र थी। तभी तो वह अपनी जान की परवाह किए बिना गाय और बछड़े की रस्सी खोलने में लगी हुई थीं।
फूलवंती का कहना था कि गौ माता के अपनी आंख के सामने जलते कैसे देखतीं। उन्हाेंने बताया कि सोमवार की दोपहर वह अपने दरवाजे पर काम कर रही थीं, तभी आग की लपटें उठते देख चिल्लाने लगीं।
अभी कुछ कर पातीं, तब तक पूरा घर लपटों में घिरने लगा। घर में गाय और बछड़ा बांधे गए थे। दोनों पशुओं की आवाज सुनकर वह बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। हालांकि रस्सी खोलते समय दोनों पशु भी झुलस गए और खुद उनकी कमर और हाथ जल गया।
लेकिन वह संतोष जता रही थीं कि अपने दोनाें पशुओं को मरने से बचा लिया।