हाटा। हाटा क्षेत्र के कई गांवों में मंगलवार को आग ने तांडव मचाया। दोपहर में खेतों में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि ग्रामीण सहम गए। हालांकि, समय रहते लोगों की सतर्कता से रिहायशी इलाकों को बड़ी क्षति से बचा लिया गया।
बताया जा रहा है कि अधिकांश खेतों की फसल पहले ही कट चुकी थी और खेतों में केवल डंठल व भूसा बचा था। रामपुर सोहरौन गांव के केवहीं टोले में डंठल जलाने के दौरान तेज हवा चलने लगी। इससे आग बेकाबू हो गई। देखते ही देखते आग ने आसपास के कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। आग सबसे पहले बलुआ, रामपुर श्रीपाल और चतुरचक गांव के सिवान में फैल गई। लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई देने लगा।
स्थिति की गंभीरता को देख ग्रामीण तुरंत एकजुट हो गए और आग बुझाने में जुट गए। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में चतुरचक गांव के प्रेमसागर का लगभग एक लाख रुपये कीमत का भूसा जलकर राख हो गया। वहीं, रामउग्रह की बांस की कोठी भी आग की भेंट चढ़ गई। एक बगीचे के तीन पेड़ तरह जल गए।