कप्तानगंज। कप्तानगंज सीएचसी में 19 अगस्त को प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में पति गामा राजभर की तहरीर पर पुलिस ने स्टाफ नर्स मीरा राय पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की विवेचना की जा रही है। सीएमओ के निर्देश पर हुई जांच में एक डाॅक्टर और स्टाफ नर्स की लापरवाही की पुष्टि हुई। दोनों स्वास्थ्यकर्मियों को सीएचसी से हटा दिया गया है।
रामकोला क्षेत्र के देउलिया मनिया छपरा टोला भरपटिया की 27 वर्षीय अंजू देवी पत्नी गामा राजभर की मौत के मामले में स्टाफ नर्स मीरा राय के खिलाफ चिकित्सकीय कार्य में लापरवाही और जल्दबाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभागीय जांच के बाद डॉ. रेणु मिश्रा का तबादला फाजिलनगर सीएचसी और और स्टाफ नर्स मीरा राय का सुकरौली सीएचसी पर किया गया है।
गामा राजभर ने तहरीर में बताया कि अंजू देवी को 19 अगस्त को प्रसव के लिए कप्तानगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया था। पूर्व विधायक रामानंद बौद्ध भी परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे थे। परिजनों ने दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पूर्व विधायक रामानंद बौद्ध ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी से मिलकर पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने और स्टाफ नर्स को बर्खास्त करने की मांग की जाएगी। एसओ धीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर विवेचना की जा रही है।
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15 साल से कप्तानगंज के आसपास होती रही तैनाती
-स्टाफ नर्स की तैनाती भी चर्चा में रही। गोरखपुर निवासी मीरा राय की 4 जनवरी 2011 को कप्तानगंज सीएचसी में स्टाफ नर्स के पद पर नियुक्ति हुई थी। इसके बाद 4 जुलाई 2022 को उनका तबादला विशुनपुरा सीएचसी के लिए हुआ। 17 जुलाई 2022 को दोबारा कप्तानगंज सीएचसी में तैनाती कर दी गई। 19 जुलाई 2024 को उनका तबादला नेबुआ नौरंगिया किया गया, लेकिन करीब सात माह बाद 28 फरवरी 2025 को फिर कप्तानगंज सीएचसी में तैनाती हो गई। अब प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत उनका तबादला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली कर दिया गया है।