फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

61.50 करोड़ की लगी पडरौना चीनी मिल की बोली 

Fri, 12 Jan 2018 11:13 PM IST
kushinagar
विज्ञापन
तहसीलदार को चेक देतीं खुशबू भारती। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पडरौना (कुशीनगर)।
विज्ञापन

पिछले छह वर्षों से बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल का ताला खुलने का समय अब करीब आ चुका है। शुक्रवार को 25वीं बार नीलामी में शामिल चार कंपनियों में लखनऊ की शोभित शुगर एंड पावर डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड ने दूसरी बार भी सर्वाधिक बोली लगाकर तहसील प्रशासन का फैसला अपने हक में करा लिया। अबकी बार इस कंपनी ने प्रशासन की तरफ से निर्धारित चीनी मिल की कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत 61.31 करोड़ से भी अधिक 61.50 करोड़ रुपये बोली लगाई है। इस कंपनी की चेयरमैन ने नीलामी स्थल पर ही 25 करोड़ रुपये का चेक जमा किया। शेष रकम उन्होंने 15 दिनों के अंदर भुगतान करने की बात कही। हालांकि, अब भी चीनी मिल क्रेता कंपनी को देने का अंतिम फैसला हाईकोर्ट के हाथों में है। 
कानपुर शुगर वर्क्स की बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल की कुर्की के बाद इसकी नीलामी के लिए 23 बार बोली लगने पर भी कोई खरीदार नहीं आया था। 24वीं बार पडरौना तहसील में 13 दिसंबर को नीलामी की तारीख पड़ी तो लखनऊ की शोभित शुगर एंड पॉवर डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड सहित चार कंपनियां आई थीं। उनमें शोभित शुगर ने सर्वाधिक 28 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। इस चीनी मिल से जुड़े कई मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण न्यायालय के आदेश पर इस कंपनी ने चीनी मिल के कर्मचारियों और किसानों का सहमति पत्र लेकर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। चूंकि नीलामी के लिए लगी बोली से कहीं अधिक चीनी मिल की चल-अचल संपत्ति की कीमत होने के कारण फिर से इसकी नीलामी की तारीख तय कर दी गई थी। इसलिए 12 जनवरी को पडरौना तहसील में पुन: इस चीनी मिल की नीलामी हुई।
विज्ञापन

इसमें कोमल कंस्ट्रक्शन लखनऊ के प्रतिनिधि वीके त्रिपाठी, केसी इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड लखीमपुर खीरी के प्रतिनिधि पीएसपी सिंह, शांभवी एसोसिएट्स सहारनपुर के प्रतिनिधि ओपी मिश्रा और शोभित शुगर एंड पॉवर डिस्टिलरी लिमिटेड लखनऊ की प्रतिनिधि के तौर पर कंपनी की चेयरमैन खुशबू भारती शामिल हुईं। सभी कंपनियों से 50-50 हजार रुपये जमानत राशि जमा कराई गई। तहसीलदार सदर गिरीश कुमार झा के समक्ष नीलामी के लिए बोली 28 करोड़ रुपये से शुरू हुई। अंत में शोभित शुगर एंड पॉवर डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड की चेयरमैन ने 61.50 करोड़ रुपये की सर्वाधिक बोली लगाई। उन्होंने 25 करोड़ रुपये का चेक तत्काल तहसीलदार को सौंपा और शेष धनराशि का भुगतान 15 दिनों के अंदर करने का भरोसा दिलाया।
तहसीलदार सदर गिरीश कुमार झा ने बताया कि इस चीनी मिल की नीलामी से संबंधित स्वीकृति पत्र कमिश्नर की तरफ से सौंपा जाएगा। नीलामी के दौरान क्रेता कंपनी के सीईओ विजय कुमार मिश्र, डायरेक्टर धर्मेंद्र सिंह, डीसीओ वेदप्रकाश सिंह, संग्रह अधिष्ठान के वरिष्ठ सहायक अमानत हुसैन, संग्रह अमीन संतोष कुमार यादव, मनोज श्रीवास्तव, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, लालमणि पांडेय, मारकंडेय यादव, शिवमूर्ति, प्रभुनाथ, संजय, विश्राम तिवारी, राजकुमार, रमाकांत पांडेय, इस्लाम सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।6131.728 लाख की है चीनी मिल की संपत्ति

पडरौना। 
कानपुर शुगर वर्क्स की बंद बड़ी पडरौना चीनी मिल के चलने को लेकर घिरे संशय के बादल धीरे-धीरे छंटते जा रहे हैं। लखनऊ की शोभित शुगर एंड पॉवर डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड ने दूसरी बार भी नीलामी में सर्वाधिक बोली लगाकर इस संभावना को संजीवनी दे दी है। क्योंकि इस चीनी मिल को खरीदने के लिए जो कंपनी आगे आई है, उसकी चेयरमैन का परिवार कुशीनगर जनपद का निवासी रहा है। हालांकि, अब भी चीनी मिल क्रेता कंपनी को देने का अंतिम फैसला हाईकोर्ट के हाथों में है। 
तहसील प्रशासन की मानी जाए तो कानपुर शुगर वर्क्स की बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल पर 5131.25 लाख रुपये किसानों और कर्मचारियों का बकाया है। इसके अलावा चीनी मिल की जमीन और फैक्ट्री की कीमत 6131.728 लाख रुपये है। पिछले तेरह दिसंबर को जब पडरौना तहसील में इस चीनी मिल की नीलामी होने वाली थी तो वहां भी तीन कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए इसी कंपनी ने सर्वाधिक 28 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। इस कंपनी के सीईओ सहित अन्य अफसर कई बार चीनी मिल का निरीक्षण कर चुके हैं। यही नहीं इस कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी चीनी मिल के कल-पुर्जों की जांच कर चुकी है। तहसील प्रशासन 13 दिसंबर को लगी बोली से सहमत नहीं था, उसका कहना था कि चीनी मिल की कुर्क हुई चल-अचल संपत्ति की कीमत 61.31 करोड़ रुपये है तो इस बार की नीलामी में इस कंपनी ने उस अनुमानित रकम से भी अधिक साढ़े एकसठ करोड़ रुपये की बोली लगाकर इस शिकायत को भी दूर कर दिया। 
विज्ञापन

 
कुशीनगर की निवासी हैं चेयरमैन 
शोभित शुगर एंड पॉवर डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ की चेयरमैन खुशबू भारती ने बताया कि वह कुशीनगर जनपद के सूरजनगर की निवासी हैं। उनके पिता जगदीश प्रसाद की ज्यादातर उम्र इसी गांव में गुजरी। अब उनका परिवार लखनऊ में रहता है, जहां उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। इस चीनी मिल को चलवाने का प्रयास किया जा रहा है।   
पडरौना चीनी मिल पर वसूली प्रमाण पत्र की स्थिति 
किसानों के भुगतान से संबंधित    4675.92 लाख रुपये। 
कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित    108.34 लाख रुपये। 
अन्य वसूली प्रमाण पत्र 
उप श्रमायुक्त गोरखपुर    93.91 लाख रुपये। 
व्यापार कर    253.08 लाख रुपये। 
कुल योग    5131.25 लाख रुपये। 

संपत्ति का विवरण 
चीनी मिल की जमीन- कुल 11 गाटा संख्या, क्षेत्रफल- 4.809 हेक्टेयर, ग्राम जंगल विशुनपुरा, तहसील पडरौना। 
मूल्यांकन-1549.028 लाख। 
मशीनरी- चीनी मिल 
मूल्यांकन- 4582.70 लाख। 
कुल संपत्ति का मूल्य- 6131.728 लाख रुपये। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें