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Kushinagar News: मेन लाइन में फाल्ट, 20 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल

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बाड़ी पुल के पास बिजली फाल्ट को ठीक करते विद्युत कर्मी। स्रोत -सोशल मीडिया - फोटो : Social Media
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पडरौना। कसया-रविंद्रनगर के बीच 33 हजार वोल्ट की मेन लाइन में शनिवार को फाल्ट से करीब 20 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। आपूर्ति ठप होने से लोग उमस भरी गर्मी में घंटों परेशान रहे। जिला मुख्यालय पर स्थित कार्यालयों के अलावा अधिकारियों और लोगों के घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हुई।
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रविंद्रनगर उपकेंद्र से जिला मुख्यालय, शहर के छावनी मोहल्ले के अलावा साखोपार, भटवलिया और जानकीनगर फीडर को आपूर्ति की जाती है। शनिवार की सुबह करीब नौ बजे कसया-रविंद्रनगर के बीच में मुख्य लाइन में तकनीकी खराबी से रविंद्रनगर उपकेंद्र से जुड़े सभी करीब 20 हजार उपभोक्ताओं की आपूर्ति ठप हो गई। कुछ ही देर में घरों के पंखे-कूलर बंद हो गए। शुरुआत में लोगों को लगा कि कुछ देर में बिजली आ जाएगी लेकिन समय बीतने के साथ परेशानी बढ़ती गई।
कई लोग गर्मी से राहत पाने के लिए घरों से बाहर निकलकर बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करते दिखे। उधर फाल्ट की जानकारी होने के बाद बिजली निगम की टीम सक्रिय हुई। लाइन में खराबी तलाशने में बिजली कर्मियों की टीम कसया, कसाडा चौक और बाड़ी पुल समेत अन्य स्थानों पर जांच करने लगी। शाम करीब चार बजे तक फाल्ट को ढूंढ़ा नहीं जा सका।
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मेडिकल कॉलेज की बदली गई आपूर्ति व्यवस्था
पडरौना। मेन लाइन में फाल्ट से मेडिकल कॉलेज की आपूर्ति विभाग के सामने बड़ी चुनौती थी। अस्पताल में मरीजों के उपचार और जरूरी उपकरणों के संचालन के लिए पडरौना उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की गई। लेकिन, आसपास के 20 से अधिक घरों के उपभोक्ताओं को की बत्ती गुल रही।
शहर के परशुराम नगर निवासी अनिल कुमार मिश्र, कृष्ण प्रताप मिश्र, संदीप राय आदि लोगों का कहना था कि बिजली कटौती के साथ ही फाल्ट की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल होने पर घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। इनवर्टर भी कुछ घंटे बाद जवाब देने लगते हैं। मोबाइल और जरूरी उपकरणों को चार्ज करने में भी दिक्कत होती है। इन लोगों ने कहा कि मेन लाइन में फाल्ट होने की स्थिति में विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था कर प्रभावित घरों की आपूर्ति भी जल्द बहाल करनी चाहिए। संवाद

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घंटों परेशान रहे उपभोक्ता
पडरौना। बिजली गुल रहने से घरों में पानी की मोटर भी नहीं चल सकी। रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए। कई परिवारों को पीने और घरेलू उपयोग के पानी की व्यवस्था करने में परेशानी हुई। दुकानदारों ने भी बिजली न होने से काम प्रभावित होने की बात कही। दुकानदार महेंद्र कुमार गुप्ता, विकास गुप्ता, हरेंद्र प्रसाद आदि दुकानदारों का कहना था कि बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता की जरूरत है, ताकि छोटी तकनीकी खराबी बड़े बिजली संकट में न बदल सके। संवाद

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विद्युत निगम के कर्मचारी मेन लाइन में आए फाल्ट को चिह्नित कर उसे ठीक करने में जुटे हैं। खराबी दूर होते ही प्रभावित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। -सुरेंद्र कुमार, एक्सईएन, पडरौना।
एक उपकेंद्र में फाल्ट तो दूसरे की भी ठप हो जाती है आपूर्ति

पटहेरवा। विद्युत विभाग की लापरवाही का खामियाजा पटहेरवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 85 गांवों के करीब सात हजार उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। राजापाकड़ से पटहेरवा विद्युत उपकेंद्र को आने वाली 33 हजार वोल्ट की मेन सप्लाई से ही सुमही उपकेंद्र को भी जोड़ दिया गया है। दोनों उपकेंद्रों के बीच टीपीएमओ सेक्शन नहीं होने से एक उपकेंद्र के क्षेत्र में फाल्ट होने पर दोनों की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे नाराज लोग शनिवार को बिजली उपकेंद्र पर पहुंचे और जनहित में व्यवस्था में बदलाव की मांग की। जेई ने बताया कि दोनों उपकेंद्रों के बीच 33 हजार की मेन लाइन में एक जगह टीपीएमओ सेक्शन लग जाता तो यह समस्या नहीं होती। सुमही उपकेंद्र क्षेत्र में फाल्ट होने पर पटहेरवा के कर्मचारियों को भी परेशानी होती है, जबकि कई बार पटहेरवा उपकेंद्र क्षेत्र में कोई फाल्ट नहीं होता।
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