फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: 90 क्विंटल सट्टा वाले किसान माने जाएंगे लघु

विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। पेराई सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार ने गन्ना आपूर्ति नीति जारी कर दी है। नई नीति में गन्ना किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और खेती की लागत कम करने पर जोर दिया गया है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि नीति में छोटे किसानों के साथ महिला, दिव्यांग, सैनिक और पूर्व सैनिक किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
विज्ञापन

जिला गन्ना अधिकारी हूदा सिद्दीकी ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर लघु एवं अति लघु महिला गन्ना किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी पेड़ी और पौधा गन्ने की पर्चियां निर्धारित पक्षों में जारी कर समय से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना किसानों को भी गन्ना आपूर्ति में विशेष सुविधा मिलेगी। डीसीओ ने बताया कि नई नीति में लघु किसानों की श्रेणी का विस्तार किया गया है। अब 90 क्विंटल तक सट्टा धारक किसानों को लघु किसान माना जाएगा। ऐसे किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्चियां प्रथम से तृतीय पक्ष और पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें से नौवें पक्ष तक उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि गन्ने की खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ट्रेंच अथवा दोहरी पंक्ति विधि से बुवाई करने वाले किसानों को 15 दिन पूर्व गन्ना आपूर्ति की सुविधा दी जाएगी। केन हार्वेस्टर से कटाई कराने वाले किसानों के लिए हार्वेस्टर सेंटर बनाए जाएंगे और आवश्यकता के अनुसार हार्वेस्टर मोड की पर्चियां जारी होंगी। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए पर्ची पर निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ने की तौल की अनुमति दी गई है। अतिरिक्त गन्ने की आपूर्ति के लिए पारदर्शी तरीके से अतिरिक्त सट्टा भी किया जा सकेगा। एक से अधिक परिवार के सदस्यों के नाम कृषि भूमि दर्ज होने पर आपसी सहमति से किसी एक नामित सदस्य के माध्यम से गन्ने की आपूर्ति की जा सकेगी। सैनिक, अर्द्धसैनिक बलों के जवान, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, बेसिक सट्टा, कैलेंडरिंग, पर्ची निर्धारण एवं निर्गमन और गन्ना आपूर्ति से जुड़ी जानकारी किसानों को एसजीके पोर्टल और ई-गन्ना एप पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी। किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रत्येक समिति क्षेत्र में शिकायत अधिकारी नामित किए जाएंगे। किसान अपनी शिकायत टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर 24 घंटे दर्ज करा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें