मंसाछापर। छितौनी-तमकुही रेल लाइन परियोजना की जद में आने वाली भूमि के किसानों ने मुआवजा प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए हाथ में नोटिस की प्रति लेकर विभाग के विरुद्ध सोमवार शाम को प्रदर्शन किया। गांव में कैंप लगाकर दस्तावेज जमा कराने की मांग की। किसानों ने चेताया है कि अगर उनकी मांगे नहीं सुनी गई तो आंदोलन करेंगे। विशुनपुरा ब्लॉक क्षेत्र के चिरईहवा-अरनहवा के किसानों को लगभग चार माह पूर्व भूमि अधिग्रहण संबंधी नोटिस मिला है। उसमें मांगे गए दस्तावेज तैयार कराने के लिए किसान लगातार तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक अधिकांश दस्तावेज नहीं बन सके हैं।
किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा गांव में कैंप लगाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने का आश्वासन दिया गया था, ताकि किसानों को परेशानी न हो। इसके बावजूद अब तक कोई कैंप आयोजित नहीं किया गया है, जिससे प्रभावित किसानों में रोष व्याप्त है।समाजसेवी राकेश कुमार गिरि के नेतृत्व में किसानों ने नोटिस हाथ में लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और डीएम से मांग की कि छितौनी-तमकुही रेल परियोजना से प्रभावित किसानों के लिए गांव में विशेष कैंप लगाकर सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए जाएं।
किसानों का कहना है कि इससे मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आएगी और महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के कार्य में भी कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।इस दौरान रामअशीष पटेल, नारायण बैठा, मंगनी पटेल, छेदी कुशवाहा, रामफल कुशवाहा, मिंटू गोंड, महंगू प्रसाद, जीतन प्रसाद, विजय कुशवाहा, नंदकिशोर पटेल, मुकेश पटेल, नगीना रामप्रवेश कुशवाहा, नगीना कुशवाहा, दिनेश पटेल, छठ्ठू बैठा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।