पडरौना। जिले के प्रगतिशील किसानों को अब मखाना की उन्नत खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाने के लिए बिहार के दरभंगा स्थित राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र भेजा जाएगा।
साथ ही हरियाणा के करनाल स्थित भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान का भी अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने सभी विकास खंडों से किसानों का चयन कर अध्ययन भ्रमण कराने के निर्देश दिए हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कृषि तकनीकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के गवर्निंग बोर्ड तथा जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति की विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि और प्रगति आख्या प्रस्तुत करने से हुई।
इसके बाद चूहा नियंत्रण अभियान, फार्मर रजिस्ट्री और विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, उत्तर प्रदेश श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस तथा नेशनल मिशन ऑन सॉइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी सहित सभी योजनाओं का लाभ जनपद के प्रत्येक विकास खंड के किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
उन्होंने युवा किसानों को कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। बैठक के दौरान प्रगतिशील कृषक पारसनाथ सिंह ने किसानों को भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल और राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा के अध्ययन भ्रमण पर भेजने का सुझाव रखा।
इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विकास खंडों से किसानों का चयन कर अध्ययन भ्रमण कराने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसमें दस से अधिक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।