पडरौना। देरी से ही सही, इस सर्द मौसम में बारिश ने किसानों को बहुत बड़ी राहत दे दी है। कृषि विशेषज्ञों की मानी जाए तो बूंदाबांदी के साथ रुक-रुककर हो रही यह बारिश सभी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है।
लेकिन अचानक ठंड बढ़ने के कारण मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत को प्रभावित कर सकती है। 19 तारीख को सुबह से ही बादल छाए रहने और दोपहर से बूंदाबांदी के साथ जगह-जगह बारिश शुरू हो जाने से मौसम और खेतों में अचानक नमी बढ़ गई है।
गेहूं के फसल की सिंचाई के लिए परेशान किसान भी इस बारिश से राहत में है। कुछ इलाकों में तो मंगलवार से ही रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है।
किसान इससे काफी उत्साहित हैं और फसल में यूरिया का छिड़काव करने लगे हैं। देर से बोई गई गेहूं की फसल के लिए भी यह बारिश लाभदायक है। फसलों के लिए यह बारिश भले ही लाभप्रद है, लेकिन आम जनजीवन पर इसका काफी असर पड़ रहा है।
इस वर्ष शीतलहर नहीं पड़ने के कारण अधिकतर लोग ठंड को बीता हुआ मान चले थे, लेकिन अचानक मौसम के तेवर बदल जाने से गर्म कपड़ों की जरूरत फिर बढ़ गई है। ठंड से बचाव के लिए कोई अलाव का प्रबंध कर रहा है तो कोई गर्म कपड़ों की तरफ रुख कर दिया है।