पकड़ियार बाजार। खेती के सीजन के बीच पेट्रोल पंपों पर गैलन या खुले बर्तनों में डीजल देने पर रोक ने किसानों को मुसीबत बढ़ा दी है। फसलों की सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। सिंचाई के लिए पंपिंग सेट को पंप तक ले जाना किसानों के लिए संभव नहीं है। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंपों पर किसान पहुंच रहे हैं, लेकिन गैलन व खुले पात्र में ईंधन नहीं मिल रहा है।
बता दें कि चिलचिलाती धूप से फसलों को पानी की सख्त जरूरत है, वहीं डीजल की किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के किसानों ने गन्ना, मक्का, मूंग और उड़द की खेती की है। इनकी सिंचाई जरूरी है। गैलन में डीजल नहीं मिलने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के चरिघरवा पेट्रोल पंप पर बृहस्पतिवार सुबह होते ही किसान गैलन लेकर डीजल के लिए पहुंच गए थे। लेकिन जिला प्रशासन के आदेश के चलते उन्हें डीजल नहीं दिया जा रहा था,वहीं, वाहनों में डीजल व पेट्रोल दोनों को भरा जा रहा था। पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मी जिला प्रशासन के आदेश का हवाला देकर गैलन में तेल नहीं दे रहे थे।
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किसान बोले:-
सुबह पांच बजे से ही पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए गैलन लेकर खड़ा हूं। गन्ने की फसल की सिंचाई होनी है। खेत में पंपिंग सेट बिना तेल के खाली पड़ा है। बिना डीजल पंपिंग सेट नहीं चलेगा। प्रशासन का आदेश किसानों के लिए अव्यावहारिक है। किसानों को इसमें राहत या ढील देनी चाहिए। -बृझन, किसान
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खेत की जुताई करनी है। इसके लिए 20 लीटर डीजल की आवश्यकता है। सुबह से ही पेट्रोल पंप पर डीजल के लिए लाइन में खड़ा हूं। यहां सिर्फ 10 लीटर ही डीजल दिया जा रहा है। ऐसे में 10 लीटर की आपूर्ति और कहां से पूरा होगा। -रामसूरत, किसान
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गैलन में डीजल नहीं देने के आदेश के चलते पंपिंग सेट को पेट्रोल पंप पर लाना पड़ा है। यह फरमान किसानों के लिए ठीक नहीं है। उन्हें इससे छूट मिलनी चाहिए। कोई दस्तावेज जरूरी हो तो उसे साक्ष्य के रूप में देखे जाने का आदेश किया जाना चाहिए। -निजामुद्दीन, किसान
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चिलचिलाती धूप व लू के थपेड़ों से खेतों में फसलें सूख रही हैं। मौजूदा समय में सिंचाई की नितांत जरूरत है। इसमें गैलन में डीजल नहीं दिए जाने के सरकारी आदेश ने किसानों की समस्या और बढ़ा दी है। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। -रामप्रीत, किसान