पडरौना (कुशीनगर)। किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान पंद्रह दिनों के अंदर करने के शासन के आदेश के बावजूद जनपद की चीनी मिलों पर 108 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है। भुगतान के मामले में सबसे बेहतर स्थिति ढाढ़ा चीनी मिल की है, जबकि कप्तानगंज चीनी मिल इस मामले में सबसे पीछे है। ऐसे में चीनी मिलों से गन्ना मूल्य के भुगतान की बाट जोह रहे किसान की बेचैनी अब बढ़ने लगी है।
मौजूदा पेराई सत्र शुरू होने से पहले जिले के गन्ना विभाग ने 198849 किसानों को सदस्य बनाया था, जो चीनी मिलों को अपना गन्ना बेचते हैं। आईपीएल ग्रुप की खड्डा चीनी मिल के परिक्षेत्र में 15784 किसान, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज ग्रुप की रामकोला चीनी मिल के अंतर्गत 59223, कनोडिया सुगर मिल कप्तानगंज के अंतर्गत 27317, यूपी सुगर कारपोरेशन लिमिटेड की सेवरही चीनी मिल के अंतर्गत 47140 और न्यू इंडिया सुगर मिल ढाढ़ा के परिक्षेत्र के 49385 किसान शामिल हैं। इनमें खड्डा क्षेत्र के 12056, रामकोला के 52474, कप्तानगंज के 17082, सेवरही के 40447 और हाटा परिक्षेत्र के 45940 सहित कुल 167999 किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है।
वैसे तो जनपद की पांचों चीनी मिलों में गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति पहले से सुधरी है, लेकिन अब भी काफी किसानों का पैसा चीनी मिलों के पास फंसा हुआ है। ढाढ़ा चीनी मिल शत प्रतिशत भुगतान की स्थिति में है। वैसे जनपद की चार चीनी मिलों पर किसानों का 108 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बाकी है।
कप्तानगंज चीनी मिल को अपने गन्ना की आपूर्ति करने वाले किसान केन यूनियन चेयरमैन योगेंद्र सिंह, किसान परमजीत सिंह, पहवारी सिंह, विनोद कुमार मिश्रा, गंगादयाल सिंह, रामनिवास यादव सहित कई किसान भुगतान न मिलने से परेशान हैं। यूपी सुगर कारपोरेशन लिमिटेड सेवरही चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करने वाले बसंतपुर के किसान श्रीकांत, पगरा पड़री गांव के नगनारायण सिंह, पकड़ी गोसाईं के केदार चौबे, नौगांवा के रविंद्र सहित कई किसानों का कहना है कि गत वर्षों की अपेक्षा गन्ना मूल्य भुगतान में भले सुधार आया है, फिर भी अभी इन्हें चीनी मिल ने भुगतान नहीं किया है। इससे घर की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
शासन का निर्देश है कि चीनी मिलें गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों के भीतर कर दें। इसका पालन ढाढ़ा चीनी मिल ने शत प्रतिशत किया है, जिसकी वजह से 11 मार्च तक ढाढ़ा चीनी मिल से जुड़े किसानों का संपूूर्ण भुगतान हो चुका है। अन्य चीनी मिलों के अफसरों के साथ बैठक कर उन्हें भी 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
वेदप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।