फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: रियल टाइम खतौनी और आधार में गड़बड़ी से 5.22 लाख किसानों की अटकी फार्मर रजिस्ट्री

Thu, 16 Jan 2025 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। रियल टाइम खतौनी और आधार में गड़बड़ी की वजह से किसान परेशान हो रहे हैं। लेखपाल की तरफ से वरासत से लेकर रियल टाइम खतौनी बनाने के दौरान बरती गई लापरवाही की वजह से फार्मर रजिस्ट्री करने से अफसरों का जोर लगाना भी बेकार साबित कर रहा है। रियल टाइम खतौनी बनाने में सर्वर भी एक बड़ी वजह बना हुआ है। शासन की तरफ से निर्देश मिला है कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी उन किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। इससे परेशान किसान खेती बारी का कार्य छोड़कर सीएससी, तहसील और कृषि विभाग के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन

कुशीनगर में कुल 6.37 लाख किसान हैं। इसमें से अभी तक 1.15 लाख किसानों की अभी तक फार्मर रजिस्ट्री बन पाई है। ऐसे में 5.22 लाख किसानों की अभी भी फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए दौड़ लगाने को मजबूर हैं। फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनने के एक नहीं कई कारण बताए जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी परेशानी नाम में भिन्नता, मेन खतौनी में नाम नहीं दर्ज होने के साथ ही मोबाइल से आधार लिंक न होना भी बड़ी वजह है। ऐसे में किसानों को डर सता रहा है कि उनको पीएम सम्मान निधि की अगली किस्त का लाभ पाना है तो उससे पहले उन्हें हर हाल में फार्मर रजिस्ट्री करानी है। इससे चिंतित किसान अब तहसील कार्यालय का चक्कर लगाकर नाम में भिन्नता सही करने और खतौनी के आदेश में दर्ज नाम को मेन खतौनी में दर्ज के लिए लेखपालों से गुहार लगा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वे लेखपाल को फोन करने के बाद तहसील पहुंच रहे तो वे किसी क्षेत्र में होने की बात कही रहे हैं। कई बार खतौनी में हुई गड़बड़ी को सही करने का आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया जा रहा है। कुछ दिन बीतने के बाद जब किसान वहां लेखपाल से बात करते हैं तो उन्हें फिर वही आश्वासन की मिल रहा है। इसके अलावा जिन किसानों के आधार पर नाम मिस मैच है या उनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है वे किसान चार से पांच दिनों तक सीएससी का चक्कर लगा रहे हैं, फिर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


0000000

सीएससी संचालक भी हैं परेशान

एग्री स्टीक फॉर्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अत्यधिक लोड के कारण पोर्टल का सर्वर डाउन होने की वजह से सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा है। इसकी वजह से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य दिन में नहीं हो पा रहा है। इससे परेशान सीएससी संचालक किसानों का डाटा एकत्र कर रात के दो बजे से सुबह पांच बजे तक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कर रहे हैं। इस वजह से उन्हें रात में जगना पड़ रहा है, जिससे उनकी भी दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

000000

फार्मर रजिस्ट्री से लाभ
फार्मर रजिस्ट्री किसान बही का इलेक्ट्रॉनिक फार्म है। इसके बिना पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा। इसके अलावा भविष्य में उनके बीज और उर्वरक भी फार्मर रजिस्ट्री में अंकित खेत के आधार पर ही लाभ और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद बार-बार केवाईसी नहीं करानी पड़ेगी।
000000

वर्जन:
फार्मर रजिस्ट्री करने में मिसमैच नाम के साथ ई-साइन करने में भी मिस मैच की समस्या आ रही है। यह समस्या पूरे प्रदेश की है। एक साथ पूरे प्रदेश में तेजी से कार्य होने से एप भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन की तरफ से संबंधित अधिकारियों की बैठक कर उन्हें फार्मर रजिस्ट्री अधिक से किसानों का कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसकी सीधे उच्चाधिकारी मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। किसानों से अपील है कि आधार और खतौनी में आई गड़बड़ी सही कर सीएससी से फार्मर करा लें।

- आशीष कुमार, उप कृषि निदेशक, कृषि विभाग, कुशीनगर।

00000000

बोले किसान

पिता की मृत्यु के बाद मेरा, भाई और मां के नाम से खेत का वरासत हो गया। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी प्राप्त हो रहा है, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री कराने सीएससी पहुंचने पर पता चला कि खतौनी के आदेश में नाम दर्ज है। अभी तक मेन खतौनी में नाम दर्ज नहीं होने की वजह से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रहा है।

- एनायतुल्लाह, साड़ी खुर्द।


आधार में पूरा नाम मंजूर हसन है, जबकि खतौनी में दर्ज नाम सिर्फ मंजूर है। इस वजह से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रहा है। तहसील में लेखपाल से मिला तो उनका कहना है कि यह लंबी प्रक्रिया के बाद ही सुधार हो पाएगा।

- मंजूर हसन, बैजनाथपुर।

000000

फॉर्मर रजिस्ट्री कराने गया तो पता चला कि जो आधार में मोबाइल नंबर लिंक है। वह काफी दिन पहले बंद हो चुका है। नया मोबाइल नंबर दर्ज कराने के लिए कई दिनों से आधार संशोधन केंद्र का चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन अभी तक मोबाइल लिंक नहीं हो सका।

- ईशा अंसारी, साड़ी खुर्द।

000000

पिता की मृत्यु वर्ष 2018 में हो गया। उसी समय वरासत करा लिया। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है, लेकिन खतौनी में आदेश के काॅलम में नाम दर्ज होने की वजह से अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। डर है कि पीएम किसान लाभ से वंचित न हो जाऊं।
विज्ञापन


- शेख अब्दुल अजीज, साड़ी खुर्द।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें