खड्डा। फर्जी परवाना के सहारे खड्डा तहसील में अपना और करीबियों का नाम अभिलेख में दर्ज कराने वाले मास्टरमाइंड की पहचान और थाने में तहरीर के बाद उससे जुड़े लोगों में खलबली मच गई है।
गलत तरीके से नाम दर्ज कराकर राजस्व अभिलेख में भूस्वामी बनने का सपना संजोए लोगों को अब भांडाफोड़ होने के बाद अब जेल जाने का डर सता रहा है। हालांकि कि तहसील के जिम्मेदारों की मिलीभगत से इस खेल में शामिल लोग खुद के बचाव के लिए सफेदपोशों की मदद ले रहे हैं। कुशीनगर के खड्डा थाने में रजिट्रार-कानूनगो अजीत कुमार ने शनिवार को तहरीर देकर साजिशकर्ता सुखदेव पाल समेत तीन खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस सभी कानूनी पहलुओं व साक्ष्यों का अवलोकन कर रही है। सूत्रों की मानें तो जानकारी सार्वजनिक होने के बाद करीब 35 से ज्यादा लोग बेहद परेशान है। यह लोग सुखदेव पाल के नेटवर्क से जुड़े हैं। इन लोगों ने उसके साथ मिलकर मृत लोगों के साथ अपना और सगे संबंधियों के नाम से तहसील में आवेदन किया था। सहायक अभिलेख अधिकारी कोर्ट के फर्जी आदेश की नकल लगाकर नाम दर्ज कराने की कोशिश के बाद इनकी धड़कने बढ़ गईं हैं। सुखदेव पाल व उसकी पत्नी कौशल्या तथा मृत सर्वा की पत्नी प्रभावती का नाम सामने आने के बाद सफेदपाेशों के पास मामले को मैनेज कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
तहसील प्रशासन इसकी भी सूची तैयार कर रहा है कि कितने मृतकों के नाम के सहारे वारिस बनकर नाम दर्ज कराने का खेल किया गया है। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि मृतकों के नाम से कैसे आदेश बनाया गया और नकल जारी की गई।
तहसीलदार खड्डा महेश कुमार ने बताया है कि आरके की ओर से थाने में तहरीर दे दी गई है। केस पुलिस को दर्ज करना है। मृतकों की सूची बनाई जा रही है। एडीएम न्यायिक मामले की जांच कर रहे हैं।