कसया। महोबा में दलित छात्रा के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविन्द्र कुमार विश्वकर्मा उर्फ राधे ने कहा कि पीड़िता से मिलने जा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को रास्ते में रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
शुक्रवाको को लोक निर्माण विभाग के कसया स्थित विश्राम गृह में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि महोबा की घटना प्रदेश सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को उजागर करती है। आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ के दौरे का विरोध किया, बल्कि उनकी संपत्ति की जांच कराने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि अजय राय का सार्वजनिक जीवन पूरी तरह पारदर्शी रहा है।
सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार समाप्त करना चाहती है तो उसे सबसे पहले अपने विधायकों, सांसदों और मंत्रियों की संपत्तियों की जांच करानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मिड-डे मील, अस्पतालों में दवा खरीद, मनरेगा और निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। भाजपा की राजनीति “काम कराओ और चंदा दो” की नीति पर आधारित है। ईडी और आयकर विभाग की कार्रवाई को उन्होंने राजनीतिक दबाव का माध्यम बताया। साथ ही कहा कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि महोबा की पीड़िता से मिलने अब तक सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा, जबकि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को पीड़ितों से मिलने और उनकी बात उठाने का अधिकार है।
पार्टी प्रवक्ता एडवोकेट पंचानंद मिश्रा ने कहा कि दलित छात्रा के साथ हुई घटना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है और सरकार संवेदनशील मामलों में भी गंभीरता नहीं दिखा रही है।