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मस्जिद में विस्फोटः तीन और गिरफ्तार

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बैरागी पट्टी गांव में जुमे की नमाज के दौरान बाहर मुस्तैद पुलिस के जवान। - फोटो : KUSHINAGAR
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मस्जिद विस्फोट कांड : तीन और आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
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कुतुबुद्दीन को गोरखपुर के पास से और अशफाक को हैदराबाद से पकड़ा गया
मुन्ना उर्फ सलाउद्दीन को एसटीएफ ने बिहार से दबोचा, अब तक सात पकड़े गए
अमर उजाला ब्यूरो
तुर्कपट्टी (कुशीनगर)। पुलिस और त्रिस्तरीय जांच टीम ने मस्जिद में विस्फोट से जुड़े सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बृहस्पतिवार की देर रात आईबी ने अशफाक को जहां उसकी ससुराल हैदराबाद से गिरफ्तार किया वहीं सातवें आरोपी मुन्ना उर्फ सलाउद्दीन को एसटीएफ की टीम ने बिहार से दबोचा।
सोमवार की दोपहर अवरवा सोफीगंज गांव के टोला बैरागीपट्टी स्थित मस्जिद में विस्फोट से दरवाजे-खिड़कियों के शीशे टूट गए थे। शुरुआती जांच में बारूदी विस्फोट की पुष्टि होने पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ संगीन मामलों में केस दर्ज किया था। संवेदनशील स्थल पर हुए विस्फोट के पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ होने की आशंका के चलते एटीएस लखनऊ, आईबी और एसटीएफ की टीम छानबीन में जुटी थी। शुरूआती 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने बैरागीपट्टी गांव से ही मस्जिद के मौलवी और जावेद, इजहार व आशिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि घटना का मुख्य आरोपी कुतुबुद्दीन, उसका पोता अशफाक और मुन्ना उर्फ सलाउद्दीन फरार थे। बृहस्पतिवार की देर रात एसटीएफ तथा आईबी की टीम ने मुख्य आरोपी कुतुबुद्दीन को गोरखपुर के निकट से तथा अशफाक को उसकी ससुराल हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। जांच टीम को एक अन्य आरोपी मुन्ना उर्फ सलाउद्दीन की तलाश थी। उसे एसटीएफ की टीम ने बिहार से गिरफ्तार किया। एसओ संजय कुमार सिंह ने सातवें आरोपी को भी गिरफ्तार करने की पुष्टि की है।
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पुलिस ने कई मस्जिदों की जांच की
बरवापट्टी। पुलिस ने शुक्रवार को कई गांवों की मस्जिदों का निरीक्षण किया। विचपटवा, चौबया पटखौली आदि मस्जिदों की जांच के दौरान मौलवी व मुस्लिम समुदाय के लोगों से पूछताछ कर जरूरी जानकारी ली। एसओ श्रीप्रकाश ने मौलवी से कहा कि मस्जिद के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश न होने दें। जो मस्जिद में रहते हैं, उनसे आईडी प्रूफ लें। मस्जिद के बाहर या भीतर किसी भी तरह का नशीला पदार्थ व अन्य सामग्री मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अशफाक ने फैलाई थी बैट्री में विस्फोट की अफवाह
तुर्कपट्टी। मस्जिद में विस्फोट के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंचे अशफाक ने कई घंटे तक पुलिस को वास्तविक जानकारी से महरूम रखा। आलम यह था कि मस्जिद के आसपास ले जाकर वह पुलिस को खुद ही समझाता रहा। हद तो तब हो गई, जब उसने घटनास्थल पर पहुंचे एसपी से अपना परिचय सेना के मेजर के रूप में दिया। वह दो घंटे तक पुलिस के साथ रहा। जैसे-जैसे विस्फोट की तस्वीर साफ हुई, अशफाक फरार हो गया।
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मस्जिद विस्फोट के जांच अधिकारी बदले
तुर्कपट्टी। विस्फोट के बाद एसपी ने पूरी घटना की छानबीन करने के लिए तुर्कपट्टी थाने के एसआई पीएन सिंह को लगाया था। वह जांच कर ही रहे थे कि शुक्रवार की शाम जांच अधिकारी कुबेरस्थान थाने के उपनिरीक्षक भगवान सिंह को बना दिया गया है।
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