पडरौना। पंचायत निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से डी-डुप्लिकेट मतदाताओं के सत्यापन एवं ऑनलाइन फीडिंग का कार्य में जिले के तीन बीडीओ की लापरवाही मिली है। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने लापरवाह तीनों बीडीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को एसआईआर के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया। आयोग की तरफ से जारी समय सारिणी के अनुसार 20 फरवरी तक शत-प्रतिशत कार्य पूरा किया जाना अनिवार्य है। बीते 16 फरवरी तक की समीक्षा में सेवरही, सुकरौली और फाजिलनगर की प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। सेवरही में कुल 75,096 संभावित डुप्लिकेट मतदाताओं में मात्र 1,559 की ऑनलाइन फीडिंग की गई है, जो करीब 2.08 प्रतिशत है।
सुकरौली में कुल 60,680 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं में 4,074 की करीब 6.71 प्रतिशत ऑनलाइन फीडिंग हुई है। इसी तरह फाजिलनगर में 69,719 संभावित डुप्लिकेट मतदाताओं में 5,532 की यानी लगभग 7.93 प्रतिशत ऑनलाइन फीडिंग की गई है। बीएलओ की ओर से सत्यापन एवं विवरण जमा करने की प्रगति भी अत्यंत धीमी है। इससे प्रदेश स्तर पर जिले की स्थिति असंतोषजनक बनी हुई है। इस पर राज्य निर्वाचन आयोग ने भी असंतोष व्यक्त किया है। इसको गंभीरता से लेते हुए सेवरही, सुकरौली और फाजिलनगर के बीडीओ को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं समय से प्राप्त नहीं होता है तो उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।