पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसानों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को किसान रजिस्ट्री तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। किसानों ने यूरिया की किल्लत का मुद्दा उठाया।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में करीब 6.47 लाख किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 4.74 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। यह कुल पंजीकृत किसानों का लगभग 73 प्रतिशत है। शेष किसानों की रजिस्ट्री जल्द पूरी कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नाम, आधार अथवा राजस्व अभिलेखों में विसंगति वाले किसानों को खतौनी में संशोधन कराकर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
डीएम ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा अनावश्यक आपत्तियों और विलंब से बचा जाए।
बैठक में खरीफ फसलों की तैयारियों, उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। जिला गन्ना अधिकारी को गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों के खेतों में नलकूप स्थापना के लिए प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी गई। बताया गया कि इसकी लागत किसानों से आसान किश्तों में वसूली जाएगी।डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाया जाए तथा तहसील और विकासखंड स्तर पर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।