पडरौना। त्योहारों के मौसम में चमकदार और रंग-बिरंगी मिठाइयां लुभाती तो हैं लेकिन इनका आकर्षक रंग सेहत पर भारी पड़ सकता है। मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले कृत्रिम रंग और गुणवत्ता में कमी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को मिठाई की ट्रे पर लिखी ‘यूज बाई डेट’ देखकर ही खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।
त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों पर जांच अभियान तेज किया जाएगा। 15 अक्तूबर से खुली मिठाइयों पर उनके इस्तेमाल की अंतिम तिथि प्रदर्शित करने की व्यवस्था प्रभावी होगी। दुकानदारों को मिठाइयों के निर्माण और बिक्री की अवधि को लेकर स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। साथ ही यूज बाई डेट के तहत उस तारीख का जिक्र करना होगा जिसके बाद इनका उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 सितंबर तक कुल 131 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए। इसमें से 93 नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली है, जिसमें 57 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला की कसौटियों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें से 10 खाद्य पदार्थों में खराब रंग मिलने की पुष्टि हुई है।
यह रंग लिवर के लिए हानिकारक बताया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय, प्रदीप कुमार राय ने बताया कि मिठाई खरीदते समय ग्राहक उसके रंग, चमक और सजावट के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दें। अत्यधिक चमकीले रंग वाली मिठाइयों से सावधान रहें।