कुशीनगर। पश्चिमी यूपी व दूसरे प्रांतों के पशु और शराब तस्करों पर पुलिस प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दूरी का बहाना और काम का दबाव बनाकर तस्करों को गिरफ्तार करने में विवेचकों की टाल मटोल अब नहीं चलेगी। करीब पांच साल पुराने मुकदमों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, लेकिन एसपी की सख्ती के बाद इन तस्करों की गिरफ्तारी शुरू हो गई है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के तस्करों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पहुंच रही है। इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इसमें लापरवाही बरतने वाले विवेचकों पर कार्रवाई तय है। 10 दिनों में करीब पांच गैर जिलों के फरार तस्करों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। कुशीनगर जिले से होने वाले पशु व शराब तस्करी के खेल पर रोक लगाने के लिए पुलिस योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। करीब पांच साल पूर्व तक तस्करी के दर्ज मुकदमों में पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी के रहने वाले तस्करों को विवेचना में शामिल किया जाता था। अधिकतर मुकदमों में वाहन नंबर को ट्रेस कर इनका नाम मुकदमे में पुलिस शामिल करती थी।
20 से अधिक बार गोवंश और शराब से भरे मालवाहन पुलिस ने बरामद किया। वाहन मालिक पर केस दर्ज कर विवेचना शुरू किया और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। विवेचना की समीक्षा के दौरान विवेचकों का तर्क रहता था कि दूरी अधिक है, समय अभाव के चलते उतनी दूरी तक जाना मुश्किल है। समय लेकर टाल जाते और मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया था।
गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के महुआचाफी गांव में पशु तस्करों ने विरोध करने पर युवक की हत्या कर दिया था। सीएम सिटी में हुई इस घटना के बाद पुलिस सख्त हुई और एसटीएफ ने जांच शुरू की। जांच में कुशीनगर के 25 पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई गई और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई।
एसपी संतोष मिश्रा भी कुशीनगर से हटाए गए। इसके बाद नए एसपी ने तस्करों पर शिकंजा कसने और तस्करी के खेल पर रोक लगाने के लिए योजना बनाई। विवेचनाओं की समीक्षा में पता चला कि 100 से अधिक ऐसे शराब और पशु तस्कर हैं जो पंजाब, हरियाणा, बिहार और पश्चिमी यूपी के जिलों के रहने वाले हैं। विवेचक इनकी गिरफ्तारी में रुचि नहीं ले रहे थे। ऐसे 36 विवेचकों का वेतन भी एसपी ने रोक दिया है और इसकी समीक्षा तेज कर दी गई है।
पुलिस का मानना है कि इन तस्करों की गिरफ्तारी नहीं होने से पशु तस्करी के खेल को और बल मिल रहा था। विवेचकों ने शुरुआती दौर में समस्याएं गिनाईं तो एसपी ने दो टूक कहा कि वांछित तस्करों को गिरफ्तार करने में जो विवेचक लापरवाही करेगा, उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद विवेचकों की सक्रियता बढ़ी।