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Kushinagar News: ओपीडी में भीड़ का बहाना, आवास और क्लीनिक में इलाज

Fri, 12 Jun 2026 02:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी में भीड़ का हवाला देकर सरकारी डाक्टर अपने आवास और क्लीनिक पर मरीजों को बुलाकर इलाज कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉ. दीन मोहम्मद के आवास पर छापेमारी के बाद यह खेल फिर चर्चा में आ गया है। डीएम के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज के डाॅक्टर के सरकारी आवास पर छापे के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। इसका असर यह रहा कि बृहस्पतिवार को शहर के आसपास निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डाॅक्टरों की क्लीनिक व आवास पर सन्नाटा पसरा रहा।
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बताया जाता है कि देवरिया और गोरखपुर जिले के अधिकतर डाॅक्टरों की तैनाती मेडिकल कॉलेज के अलावा सीएचसी-पीएचसी पर है। सरकारी अस्पतालों में समय से ड्यूटी करने के बजाय कई डाॅक्टर कसया, दुदही, हाटा, सुकरौली और कप्तानगंज में अपने आवास, मकान या क्लीनिक पर इलाज करते हैं। करीब तीन माह पूर्व एडी हेल्थ की टीम ने कसया के एक निजी अस्पताल में छापा मारा था। क्लीनिक में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ड्यूटी टाइम के दौरान इलाज करते मिले थे।
इसके अलावा डीएम की जांच में मेडिकल कॉलेज में तैनात एक महिला डाॅक्टर रामकोला रोड पर निजी क्लीनिक में इलाज करती मिली थीं। विभागीय शिकंजा कसा तो महिला डाॅक्टर ने इस्तीफा देकर मेडिकल कॉलेज में संविदा पर तैनाती करा ली। नेत्र एवं पुरुष चिकित्सालय में तैनात डॉ. संजीव सुमन अपने आवास पर मरीजों का इलाज करते थे, लेकिन इनका स्थानांतरण दूसरे जिले में हो गया है। वहीं, हाटा सीएचसी में तैनात डॉ. एलबी यादव ने सीएचसी कैंपस से सटे मकान बनवाया है। उसमें वह निजी प्रैक्टिस करते हैं। सीएचसी कैंपस की टूटी बाउंड्री से मरीज उनके पर पहुंच जाते हैं। डॉ. एलबी यादव की तीन दिन हाटा सीएचसी और तीन दिन गोरखपुर जिला अस्पताल में तैनाती है।
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शिकायत के बाद कम किया निजी अस्पताल जाना
कप्तानगंज सीएचसी में तैनात एक सर्जन कस्बे में एक निजी अस्पताल का संचालन करते थे। शिकायत के बाद उन्होंने निजी अस्पताल आना-जाना कम कर दिया। सूत्रों ने बताया कि अब वह ऑपरेशन के लिए वहां जाते हैं। इसके अलावा रामकोला सीएचसी के अंदर अपने आवास में ही सरकारी डाॅक्टर मरीजों को देखते हैं, पूर्व में हुई छापेमारी में पकड़े भी जा चुके हैं।
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सरकारी डाॅक्टरों को निजी प्रैक्टिस नहीं करने के लिए सरकार की ओर से एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग भत्ता) दिया जा रहा है। इसका भी लाभ लेते हैं और निजी प्रैक्टिस भी करते हैं। ऐसा किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। इसकी निगरानी बढ़ा दी गई है। -महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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